भुवनडाड़ गांव करीब एक साल पहले झोपड़ी में आग लगने से हुई दंपति की मौत से तीन बच्चे अनाथ हो गए थे। बुधवार को बखिरा के गौरा केवटिहया निवासी दिनेश कुमार भांजी सौरवी के साथ खलीलाबाद तहसील दिवस में पहुंचे। बच्ची की व्यथा सुनकर अफसरों ने हर संभव मदद का भरोसा दिया।
दिनेश ने बताया कि बहन मंजू की शादी सेमरियावां क्षेत्र के भुवनडाड़ गांव निवासी अरुण कुमार से हुई थी। दोनों से तीन बच्चे सौरवी(10), दीपिका (06) और बेटा दीपांशु(03) हैं। 26 दिसंब 2015 को झोपड़ी में आग लगने से बहन-बहनोई की मौत हो गई थी। वह भी बेरोजगार हैं। ऐसे बच्चों के पालन में दिक्कत आ रही है। बच्चों के पास न तो रहने को घर है, न ही राशन कार्ड। अभी तक पारिवारिक योजना का लाभ भी नहीं मिला है।
दर्द भरी दास्तां सुनने के बाद तहसीलदार अरविंद कुमार सिंह ने वहां मौजूद लेखपाल को बुलाकर मृतक की संपत्ति की वरासत बच्चों के नाम करते हुए डीएम को संरक्षक नामित करने व पारिवारिक योजना की रिपोर्ट देने को कहा। मौके पर मौजूद क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ब्रजेंद्र कुमार को निर्देशित किया है कि बच्ची सौरवी के नाथ से राशन कार्ड जारी कराएं। बीडीओ सेमरियावां प्रवीण शुक्ला से वार्ता करके अनाथों को आवास दिलाने को कहा।