अस्पताल में मरीज की आंख चेक करते चिकित्सक-संवाद
संतकबीरनगर। बदल रहे मौसम में लोगों की आंखों में संक्रमण हो रहा है। लोग आंखों में लालिमा के साथ ही जलन व अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। जिला अस्पताल और सीएचसी खलीलाबाद के नेत्र विभाग की ओपीडी में रोजाना 20 से 30 मरीज आ रहे हैं। चिकित्सक का कहना है कि नमी में बैक्टीरिया और फंगल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। वसंत में परागकणों के कारण आंखों में लालिमा, खुजली और पानी आने की समस्या होती है। मरीजों की जांच कर दवा के साथ बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार को मरीजों ने पंजीकरण कराकर चिकित्सकों से परामर्श लिया। इसमें अधिकांश मरीज सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार, पेटदर्द आदि के रहे। इसके अलावा नेत्र रोग संबंधी मरीज शामिल रहे। सीएचसी खलीलाबाद के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. केपी सिंह के अनुसार बदलते मौसम में एलर्जी के कारण लोगों की पुतली लाल, खुजली व जलन हो रही है। ऐसे में लोग कंजक्टिवाइटिस की चपेट में आ जाते हैं। उन्होंने बताया कि यदि किसी की एक आंख में इंफेक्शन हो गया है तो वह दूसरी आंख में भी हो जाता है। इससे पुतली में भी सूजन आ जाती है। उन्होंने बताया कि बुजुर्गों में आंख में पानी आने की समस्या बढ़ रही है। अस्पताल आने वाले मरीजों को जांच के साथ उचित उपचार दिया जा रहा है।
0
बीमारी के कारण और बचाव
- एलर्जी के मौसम में आंखों में सूखापन बढ़ सकता है।
- तेज हवा के साथ उड़ती धूल और सूरज की पराबैंगनी किरणें आंखों में जलन और एलर्जी का कारण बनती हैं।
- बाहर धूप में निकलते समय चश्मा पहनें, जिससे परागकणों और धूल से आंखों की रक्षा हो सके।
- आंखों की जलन और सूजन को कम करने के लिए साफ कपड़े से ठंडी सिंकाई करें।
- बार-बार हाथ धोएं और हाथों से आंखों को न रगड़ें, क्योंकि यह संक्रमण को बढ़ा सकता है।
- यदि लक्षण 2 सप्ताह से अधिक समय तक रहें, तो डॉक्टर से संपर्क करें।