संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। सरयू नदी में तीन दिनों से लगातार वृद्धि जारी है। नदी का पानी समीपवर्ती गांवों के करीब से होते हुए एमबीडी बांध तक पहुंचने लगा है। शनिवार शाम से रविवार के शाम 4:00 बजे तक नदी के जलस्तर में 300 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। नदी अब बिडहर घाट पर खतरे के निशान से महज 450 सेंटीमीटर नीचे रह गई है।
बृहस्पतिवार के शाम नदी का जलस्तर 78.00 मीटर पर था शुक्रवार से नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी शुरु हुई तो रविवार के शाम 78.950 मीटर पर पहुंच गया। तीन दिनों में 950 सेंटीमीटर नदी के पानी में बढ़ोतरी होने से नदी और एमबीडी बांध के बीच बसे गांव के किसानों की फैसले जलमग्न हो गई। इसके पहले नदी जब बढ़ी हुई थी तो नालो, पोखरो, गड्ढों समेत खाली जमीन पर पहले ही पानी भरा हुआ था। बाढ़ का पानी धीरे-धीरे बढ़ते हुए एमबीडी बांध के करीब पहुंचकर बांध पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
उधर गाय घाट दक्षिणी, ढोलबजा, गुनवतिया, चकदहा, दौलतपुर, सियाराम अधीन, दौलतपुर, सियरकला आदि गांवों को बाढ़ का पानी घेरना शुरू कर दिया है। लालजी, राजाराम, शिवकुमार, राधेश्याम, दीपक, दीपनारायण आदि का कहना है कि घाघरा नदी के जलस्तर में तीन दिनों से जिस तरह तेजी के साथ वृद्धि हो रही है। यही रफ्तार रहा तो दो दिनों के भीतर नदी खतरे की निशान को पार करके एमबीडी बांध से दक्षिण बसे गांवों में तबाही मचा सकती है।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र ने बताया कि नदी के जलस्तर में वृद्धि तो जरूर हो रही है लेकिन बांध को कहीं पर किसी भी तरह का खतरा नहीं है।