क्षेत्र के बंतवार गांव में पोखरे में डूब जाने से इकलौते बेटे शिव की मौत से घर में कोहराम मच गया। वहीं रक्षा बंधन से पूर्व ही इकलौते भाई की सांसें थम जाने से बहनें गमगीन थीं।
बंतवार गांव निवासी लक्ष्मण के तीन बेटियों में कंचन 20 वर्ष, वंदना 18 वर्ष, रोली 12 वर्ष के बीच इकलौता बेटा शिव 14 वर्ष का था। शिव कक्षा आठ में पढ़ता था। रविवार की दोपहर वह गांव के बच्चों के साथ जब घूमने जा रहा था, तभी उसकी मां श्रीमती ने रोका, लेकिन थोड़ी देर में आने की बात कहकर वह चला गया। मां को क्या पता था कि जो बेटा अभी आने की बात कहकर घर से जा रहा है वह अब कभी नहीं लौटेगा। यही बात कह - कह कर मां रोते - रोते अचेत हो जा रही थी। इकलौते बेटे की मौत से घर का चिराग बुझ गया। तीनों बहनें रोते हुए यही कह रही थीं कि इकलौता भाई नहीं रहा, अब किसकी कलाई में राखी बांधेंगी। ग्राम प्रधान रामायन यादव समेत गांव के अन्य लोग लक्ष्मण के इकलौते पुत्र की मौत से दु:खी थे। लोगों ने बताया कि शिव होनहार बालक था। अचानक हुई उसकी मौत ने पूरे गांव के लोगों को रुला दिया।