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Sant Kabir Nagar News: अधूरी पड़ी पेयजल परियोजनाएं, गर्मी में शुद्ध पेयजल का बढ़ा संकट

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जोगाराजा गांव में अधूरी पड़ी पानी की टंकी। संवाद
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संतकबीरनगर। स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण क्षेत्र के कई स्थानों पर पेयजल परियोजना शुरू की गई, लेकिन यह परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं। कहीं पानी की टंकी अधूरी है तो कहीं टोंटी लगाने के बाद भी अब तक एक बूंद पानी नहीं आ सका है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। गर्मी होने से शुद्ध पेयजल का संकट खड़ा होने लगा है।
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हैंसर क्षेत्र के जिगिना गांव में हर घर जल मिशन के अंतर्गत लगभग आठ वर्ष पूर्व बनाई गई पानी की टंकी अब भी ग्रामीणों के लिए बेमतलब साबित हो रही है। योजना पर लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी इसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल सका है। हालांकि गांव में पाइपलाइन बिछाई गई है और घर-घर कनेक्शन भी दिए गए हैं, लेकिन सप्लाई शुरू न होने से लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए भटकना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि जब पानी की टंकी का निर्माण हो रहा था, तब लोगों में काफी उम्मीद जगी थी कि गांव के लोगों को स्वच्छ पेयजल मिलेगा और लोगों को हैंडपंप के दूषित पानी से छुटकारा मिलेगा। बीमारियों पर रोक लगेगी, लेकिन यह योजना केवल कागजों तक सीमित होकर रह गई है। स्थिति यह है कि गांव में कई स्थानों पर पाइप लाइन टूटी पड़ी है तो कहीं टोटियां खराब हैं। सप्लाई लाइन भी क्षतिग्रस्त हो रही है। गांव के रवि कश्यप ने बताया कि सरकार ने हर घर जल पहुंचाने का सपना दिखाया था, लेकिन आज तक गांव के लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल पाया है।
कुशहर निषाद ने कहा कि लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी योजना चालू न होना बड़ी लापरवाही है। सभाजीत निषाद का कहना है कि विभागीय अधिकारी केवल निरीक्षण कर खानापूर्ति कर रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा।
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अंगद ने बताया कि पानी न मिलने से ग्रामीणों को आज भी दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है और दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। लोगों ने संबंधित तत्काल खराब पाइपलाइन और टूटी टोटियों की मरम्मत कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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पानी टंकी बनी शोपीस, जरूरतमंद परेशान
धनघटा। सरकार भले ही हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे इतर है। धनघटा तहसील परिसर में 15 वर्ष पूर्व लाखों रुपये की लागत के बनी पानी की टंकी शोपीस बनकर रह गयी है। दूरदराज से सैकड़ों जरूरतमंद तहसील परिसर में पहुंचते है, लेकिन उन्हें पानी के लिए भटकना पड़ता है। इधर गर्मी के बीच तहसील परिसर में आने वाले जरूरतमंदों की परेशानी और बढ़ गई है।
तहसील के वरिष्ठ अधिवक्ता लाल शरण सिंह, सुरेंद्र प्रताप सिंह, प्रेम नारायण मिश्र, केशव पाठक, सविता त्रिपाठी आदि ने बताया कि तहसील परिसर में शुद्ध पेयजल व्यवस्था की सुधि लेने वाला कोई नहीं है। पानी की टंकी क्यों नही संचालित हो रही, यह सवालों के घेरे में है। जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। एसडीएम रविकांत चौबे ने बताया कि संबंधित विभाग को इस समस्या को दूर करने के लिए पत्र भेजा जाएगा। शीघ्र पानी की आपूर्ति शुरू कराई जाएगी।
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जोगाराजा में अधूरी पड़ी है पेयजल परियोजना
हरिहरपुर। जोगाराजा गांव में मार्च 2022 में 216.22 लाख रुपये की लागत से शुरू हुई पेयजल परियोजना का निर्माण मार्च 2023 में पूरा हो जाना था। परियोजना पूर्ण होने की अवधि के बाद भी तीन साल बीत गए, लेकिन निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ। परियोजना का निर्माण कार्य जल निगम की देखरेख में मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के हवाले है। पेयजल परियोजना का लक्ष्य दो गांवों जोगाराजा,आग्या उर्फ सिदाही की करीब 2557 की आबादी को शुद्ध पेयजल मुहैया कराना है। ग्रामीण यशवंत सिंह यादव, रामकेश निषाद, राजदेव गौतम, पिंटू गौतम, संतराम गौतम, बिहारी गौतम ने बताया कि गांव में न सप्लाई पाइप बिछाई गई और न ही टोंटियां लगी है। निर्माण कार्य करा रही संस्था दो साल पहले टंकी निर्माण कार्य की शुरुआत कर गायब हो गई, उसके बाद कोई भी जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा।
इसी तरह नाथनगर ब्लाॅक के मुकुंदपुर गांव में हर घर जल योजना के तहत निर्माणाधीन पेयजल परियोजना का टंकी निर्माण का कार्य ठप पड़ा हुआ है। टंकी निर्माण कार्य अधूरा छोड़कर कार्यदायी संस्था मौके से नदारद है। बीते कुछ माह पूर्व कुछ मजदूर कार्यस्थल पर पहुंचकर टंकी निर्माण के लिए पिलर बनाने का कार्य शुरू किए थे, लेकिन फिर कार्य छोड़कर मजदूर मौके से गायब हो गए। अप्रैल 2023 में एक करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से शुरू हुई मुकुंदपुर गांव की पेयजल परियोजना से कुल 1,753 जनसंख्या की आबादी को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने का लक्ष्य निर्धारित है। हर घर जल योजना के तहत शुरु हुई परियोजना के निर्माण का जिम्मा मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को सौंपा गया था।
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पेयजल परियोजनाओं की खामियां दूर कर जल्द ही जलापूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी। इसके लिए कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया गया है।

-महेंद्र कुमार राम, अधिशासी अभियंता, जल निगम
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