फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sant Kabir Nagar News: पहले अशरे में रोजेदारों पर बरसती है अल्लाह की रहमत

विज्ञापन
मौलाना फुजैल नदवी 
विज्ञापन
सेमरियावां। मुकद्दस रमजान में पहले रोजे से दसवें रोजे तक पहला अशरा होता है। रविवार को माह-ए-रमजान का चार रोजा खत्म हुआ। चौथा रोजा 12 घंटा 55 मिनट तक रखा गया। सहरी करके रोजेदारों ने सोमवार को पांचवां रोजा रखा है।
विज्ञापन


आल इंडिया उलेमा बोर्ड के प्रदेश महासचिव मौलाना फुजैल नदवी ने बताया कि रमजान का पहला अशरा रहमतों और बरकतों का होता है। इस अशरे में रोजेदार ज्यादा से ज्यादा इबादत करें। रोजेदार की दुआ जाया नहीं जाती है। इस अशरे में रहमत बरसती है, जिसके चलते रोजेदार रोजा रखकर अल्लाह से रहमतों और अजमतों की दुआएं करते हैं। उन्होंने बताया कि मुकद्दस माह-ए-रमजान का पहला अशरा रहमत, दूसरा मगफिरत, तीसरा जहन्नम से आजादी का है। रमजान रहमत, खैर व बरकत का महीना है। इसमें रहमत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं। जहन्नम के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। शैतान जंजीर में जकड़ दिए जाते हैं। नफ्ल का सवाब फर्ज के बराबर और फर्ज का सवाब सत्तर फर्जों के बराबर दिया जाता है।
000000

अल्लाह की रजा के लिए रोजेदार कर रहे खूब इबादत

मौलाना फुजैल नदवी ने बताया कि माह-ए-रमजान का चौथा रोजा अल्लाह की इबादत में बीता। बंदों ने अल्लाह की रजा के लिए इस बीच भूखे-प्यासे रहकर इबादत के साथ गुजारा। मस्जिदें भरी हुई हैं। रोजेदारों की मस्जिदों व घरों में भी इबादत चल रही है। कुरआन-ए-पाक की तिलावत जारी है। लोगों के सिर पर टोपियां, हाथ में तस्बीह देखी जा रही है। अल्लाह के बंदों ने दिन में रोजा रखकर व रात में तरावीह की नमाज पढ़कर अल्लाह का शुक्र अदा किया।
विज्ञापन

0000000

पांच साल की अरीशा ने रखा रोजा
अल्लाह की इबादत करने में बड़ों के साथ-साथ बच्चे भी उनके पीछे चल रहे हैं। रमजान माह का रोजा रख कर अल्लाह की इबादत में मशगूल हैं। सेमरियावां निवासी बाबुद्दीन चौधरी की भांजी अरीशा इरफान ने पांच साल की उम्र में अपना पहला रोजा रखा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें