चार दशक में भी सरयू नहर अधूरी, किसान परेशान
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संतकबीरनगर। किसानों की आय दो गुनी करने के सरकार के दावे की पोल सूखी नहरें खोल रही हैं। जिले में खेतों की सिंचाई के लिए 39 वर्ष पूर्व शुरू हुई सरयू नहर परियोजना अब भी अधूूूूरी है। जहां नहरें बनी भी हैं तो वहां पानी नहीं आ रहा है। किसान रबी की फसलों के लिए सिंचाई के संसाधन को लेकर परेशान हैं।
घाघरा व राप्ती नदी में आने वाली बाढ़ को रोकने और लंबी नहरों का जाल बिछाकर खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए सरयू नहर परियोजना की शुरूआत हुई। बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, बस्ती, संतकबीरनगर, गोरखपुर और महराजगंज जिले तक 9205 किलोमीटर लंबी नहर बनाई जानी थी। इसके साथ ही डुमरियागंज, उतरौला, अयोध्या व गोला गोरखपुर में पंप नहर बनाने के साथ 3600 नलकूप स्थापित करने की योजना थी। नौ हजार किलोमीटर ड्रेन बनाकर हर खेत तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया। कुल 12 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में इस नहर के जरिए सिंचाई की जानी है, लेकिन यह परियोजना अब तक पूरा नहीं हो सकी है। इससे किसानों के अरमानों पर जहां पानी फिर रहा है, वहीं ऐसे किसान जिनकी जमीन इस परियोजना की भेंट चढ़ गई, वह भी निराश हैैं। इस परियोजना को पूरा करने के लिए 10 प्रतिशत प्रदेश सरकार और नब्बे प्रतिशत धनराशि भारत सरकार खर्च करेगी। सरकारें आईं और गईं, लेकिन चौधरी चरण सिंह के इस सपने को साकार करने की फुर्सत किसी को नहीं मिली। वर्तमान में जिले की बात करें तो कई स्थानों पर नहरों का निर्माण कराया गया है। इसमें भुअरिया, सेमरियावां, बेलहर कला, मेंहदावल, खलीलाबाद क्षेत्र के बनियाबारी, धवरियां आदि क्षेत्र शामिल हैै, लेकिन इन नहरों में पानी नहीं है। कभी कभार सेमरियावां क्षेत्र की नहर में पानी छोड़ा जाता है, लेकिन अन्य क्षेत्रों की नहरों में अब भी पानी इंतजार है। ऐसे में किसान सिंचाई के लिए भटकने को मजबूर होते हैं। किसान राधेश्याम चौधरी ने कहा कि सरयूू नहर परियोजना पूर्ण न होने से उसमें पानी नहीं आ रहा है। अब जबकि रबी की खेती के लिए सिंचाई की जरूरत है तो नहरों में पानी ही नहीं है। अजीत कुमार ने कहा कि जब नहरों में पानी की जरूरत रहती है तो उसमें पानी नहीं आता है, लेकिन जब जरूरत नहीं रहती तो पानी छोड़ देने से फसलें बर्बाद हो जाती हैं। किसान रविंद्र कुमार इस बात से नाराज हैं कि लंबे अर्से भी सरयू नहर में पानी नहीं है। आखिर कब तक इंतजार करें। गंगा प्रसाद यादव ने कहा कि परियोजना को जल्द से जल्द पूर्ण कराकर इसमें पान की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। डीएम भूपेंद्र एस चौधरी ने बताया कि नहर में जिन किसानों की जमीन अधिग्रहीत की गई है, उनकी रजिस्ट्री कराने का कार्य विभाग के जरिए कराया गया है। मार्च 2019 तक परियोजना को पूर्ण किए जाने के निर्देश हैं। सरयू नहर के तीनों खंडों के एक्सईएन के साथ मीटिंग कर जानकारी जुटाएंगे। शासन की मंशा के अनुरूप कार्य होगा। ताकि किसानों को सिंचाई की सुविधा मिल सके।