संतकबीरनगर। आयात शुल्क बढ़ने से साेना-चांदी खरीदना अब महंगा हो जाएगा। इसका असर सर्राफा बाजार पर भी पड़ेगा। सर्राफा बाजार में पहले ही मंदी छाई थी। महंगाई और बढ़ती कीमतों के कारण सोने की खरीदारी में कमी देखी जा रही है।
कारोबारियों का कहना है कि ग्राहकों की संख्या में गिरावट आ रही है और बाजार की रौनक फीकी पड़ गई है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि एक वर्ष में सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम लोग खरीदारी से दूरी बना रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्ध जैसे हालात का असर भी बाजार पर पड़ रहा है।
लोगों का मानना है कि बढ़ती महंगाई ने पहले ही आमजन की क्रय क्षमता को प्रभावित किया है, ऐसे में सोने की खरीद अब सीमित होती जा रही है।
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आयात कर को बढ़ाने से सोने के दाम अचानक और बढ़ गए, जिससे मध्यमवर्गीय ग्राहकों का दुकानों पर आना कम हो गया है, जिससे छोटे दुकानदारों का व्यापार बहुत प्रभावित हो रहा है।
-रजनीश वर्मा, सराफा व्यापारी
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आयात कर बढ़ने से सोने और चांदी के दाम अचानक बढ़ गए हैं, जिससे आभूषण के दाम भी बढ़ेंगे, जिससे भारी और वजनी आभूषणों की खरीदारी में कमी आएगी।
-मनीष वर्मा, सराफा व्यापारी
आयात कर बढ़ने से सोना-चांदी इतना महंगा होता जा रहा है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेटियों की शादी में देने वाले जेवरात की संख्या पहले से कम हो गई है।
-रवि वर्मा, सर्राफा व्यापारी
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सोने चांदी के बढ़ते दामों से सामान्य वर्ग के लोगों का बजट बिगड़ गया है, जिससे महिलाओं के आभूषणों के शौक खत्म होते जा रहे हैं। ग्राहक अब अपने बजट के हिसाब से केवल जरूरी और आवश्कता वाले ही आभूषण हल्के वजन में खरीद रहे हैं।
-मुकुल वर्मा, सराफा व्यापारी