संतकबीरनगर। जिले में उमस भरी गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आसमान में हल्की बदली और बढ़ती नमी के कारण मौसम का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर साफ दिखाई देने लगा है। जून की भीषण गर्मी के बीच डिहाइड्रेशन, वायरल संक्रमण और त्वचा संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
तेज गर्मी और मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के चलते लोग सर्दी-जुकाम, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। विशेष रूप से छोटे बच्चे और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग अधिक प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा उमस भरी गर्मी के कारण फंगल संक्रमण के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। आंख, गर्दन के आसपास खुजली, लाल चकत्ते और त्वचा संक्रमण की शिकायतें बढ़ गई हैं।
संयुक्त जिला चिकित्सालय में मंगलवार को सुबह से ही मरीजों की भीड़ देखने को मिली। पर्ची काउंटर से लेकर दवा वितरण केंद्र तक लंबी कतारें लगी रहीं। सुबह आठ बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक 1519 नए मरीजों का पंजीकरण हुआ, जबकि 700 से अधिक पुराने मरीज भी इलाज के लिए पहुंचे। मरीजों की संख्या अधिक होने से कई लोगों को उपचार के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ा।
ओपीडी में डॉ. कुमार सिद्धार्थ, डॉ. एपी मिश्र, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. एलसी यादव, डॉ. फराज अहमद, डॉ. राम गोपाल और डॉ. एके पाठक मरीजों का उपचार करते नजर आए।
डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि उमस और अत्यधिक पसीने की वजह से फंगल संक्रमण के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. रमाशंकर सिंह ने कहा कि मौसम में बदलाव के चलते मरीजों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने लोगों को नियमित अंतराल पर पानी पीने, नींबू पानी और तरल पदार्थों का सेवन करने तथा गंदे और जमा पानी से बचने की सलाह दी।
चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि अत्यधिक धूप से बचें, स्वच्छता का ध्यान रखें और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें।