- जिले की आठ में सुविधा नहीं, निजी पैथोलॉजी पर अधिक रुपये देकर कराते हैं जांच
- 22 उप स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यहां तक कि ग्रामीण क्षेत्र में जन आरोग्य मंदिर खोले जा रहे हैं। जिससे मरीजों को शहर की दौड़ न लगानी पड़े। लेकिन हकीकत यह है कि सीएचसी पर लिवर और किडनी जांच की सुविधा नहीं है। इसके लिए या तो जिला अस्पताल की दौड़ लगानी होती है या फिर निजी पैथोलॉजी पर रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
शहर में एक लाख की आबादी है। वहीं गामीण क्षेत्रों में करीब 19 लाख की आबादी है। इन्हें स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए जिले में आठ सीएचसी और एक जिला अस्पताल है। साथ ही 22 उप स्वास्थ्य केंद्र हैं। शासन की मंशा है कि गांव स्तर ही लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मिल जाएं लेकिन हकीकत कुछ अलग ही है। जिले की सभी सीएचसी पर मरीजों को सभी जांच हो सके ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।
सीएचसी पर सीबीसी कंप्लीट ब्लड काउंट की जांच के अलावा मलेरिया जांच स्लाइड से की जाती है। लिवर, किडनी सहित पेट से संबंधित अन्य जांच की यहां कोई व्यवस्था नहीं है। मरीजों को दिक्कत होने पर ये जांच निजी लैब में करानी पड़ती है या जिला मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल तक दौड़ लगानी पड़ती है।
जिले के आठों सीएचसी की बात करें तो यहां प्रतिदिन ओपीडी में 700 से आठ सौ और कभी-कभी एक हजार मरीज तक उपचार के लिए पहुंचते हैं। इस संबंध में सीएमओ डॉ. रामानुज कन्नौजिया ने बताया कि कुछ सीएचसी पर हेल्थ एटीएम लगाए गए हैं। मरीजाें की जांच उससे की जा सकेगी। अगर कहीं दिक्कत है तो उसे सही कराया जाएगा।
बहुत महंगी है जांच
लिवर व किडनी की जांच निजी लैब में 700 से 800 रुपये तक की होती है। इसके अलावा पेट से संबंधित अन्य जांच 300 से 400 रुपये में होती है। ऐसे में मरीजों को बाहर से महंगी जांच करानी पड़ती है।
सीएचसी पर जांच सुविधा उपलब्ध
सीबीसी, मधुमेह, टायफाइड, मलेरिया, वीडीआरएल, एचसीवी, यूरिन रूटीन, यूपीटी प्रेगनेंसी, एचबी की जांच की जाती है। इसके अलावा टीबी के मरीजों की जांच की सुविधा दी जाती है।
सीएचसी पर सभी जांच की सुविधा नहीं है। बुखार आने पर मलेरिया की जांच होती है। अन्य जांच नहीं हो पाती है। निजी लैब में जांच करानी पड़ती है।
- रणविजय सिंह, कुस्महा माफी
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सीएचसी पर जांच कराने आए थे। सर्दी-जुकाम हो गया है। यहां जांच तो हो गई लेकिन पेट संबंधित जांच बाहर ही करानी पड़ेगी या फिर जिला अस्पताल जाना पड़ेगा।
- राहुल, बड़गो