सिद्धार्थगर। जिलाधिकारी डाॅ. राजा गणपति आर की अध्यक्षता में राजस्व वाद, कर-करेत्तर एवं वसूली के संबंध में मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान डीएम ने कहा कि निर्विवाद विरासत की कोई प्रकरण लंबित न रहे समय सीमा के अंदर उसका निस्तारण कराए। राजस्व निरीक्षक एवं लेखपाल के स्तर पर लंबित होने पर उनको नोटिस निर्गत करें। यदि किसी तहसील की शिकायत प्राप्त होगी। वहां के तहसीलदार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
डीएम ने सभी एसडीएम, अपर एसडीएम न्यायिक, तहसीलदार, तहसीलदार न्यायिक, नायब तहसीलदार प्रत्येक दिन कोर्ट में बैठकर सभी वादों का निस्तारण कराए। आरसीएमएस पोर्टल पर सभी वादों के निस्तारण को फीड कराए तथा प्रतिदिन पोर्टल को चेक भी करें। पांच वर्ष से ऊपर के वादों का 15 जनवरी 2025 तक शत प्रतिशत निस्तारण की कार्यवाही की जाए। धारा 24 के अन्तर्गत लंबित प्रकरणों का निस्तारण तीन दिन में निस्तारण कराना सुनिश्चित करें। चकमार्गों का चिह्नांकन कराकर अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने का निर्देश दिया। जाति प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र आय प्रमाण-पत्र, हैसियत प्रमाण-पत्र की समीक्षा की गयी। सभी प्रकार के प्रमाण-पत्रों को शीघ्र जारी करने के लिए अनावश्यक रूप से उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, लेखपाल लंबित न रखे। सभी एसडीएम एवं तहसीलदार प्रतिदिन जनसुनवाई करे। विभिन्न विभागों की प्रगति ठीक न पाये जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी विभागों की वसूली बढ़ाकर लक्ष्य पूर्ण करने का निर्देश दिया।