संतकबीरनगर। संसद में पेश बजट में छोटे व्यवसायों और उद्यमों को प्रोत्साहन देने के लिए 10,000 करोड़ के फंड के आवंटन की घोषणा की गई है।
यह फंड माइक्रो, स्मॉल और मीडियम इंटरप्राइजेज को सहारा देगा। इसको लेकर सोमवार को उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र में बैठक कर चर्चा की और कहा कि बजट में उद्योग सेक्टर को संवारने पर खास ध्यान दिया गया है। अब जरूरत है, उसे धरातल पर उतारने की। यदि घोषणा पर अमल हो जाए तो उद्योग सेक्टर को संजीवनी मिल सकती है।
उद्यमी सत्यनारायण द्विवेदी, गोविंद सिंह, गुरुनाम सिंह, दीपेंद्र नायक, महेंद्र जायसवाल, कृष्ण गोपाल पांडेय आदि ने बजट पर चर्चा करते हुए कहा कि वित्त मंत्री ने इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन और टेक्नोलॉजी बेहतर करके 200 पुराने इंडस्ट्रियल क्लस्टर को फिर से शुरू करने का प्रस्ताव दिया। ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम की रफ्तार बनाए रखने के लिए कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग की एक योजना का भी जिक्र किया गया।
इसके साथ ही ‘’आत्मनिर्भर फंड’’ शुरू करने की बात कही गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि यह कदम ट्रेड फाइनेंस चेन को नई गति देगा और छोटे उद्यमों को सपोर्ट करेगा, जिन्हें गारंटी वाली क्रेडिट स्कीम की कमी के कारण टिके रहने में मुश्किल होती है। आईटीआर फाइलिंग में सुधार की योजना से लाभ मिलेगा। इन लोगों ने इस बात पर भी जोर दिया कि बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
औद्याेगिक क्षेत्र में उद्योग को मिले बजट पर चर्चा करते उद्यमी-संवाद
औद्याेगिक क्षेत्र में उद्योग को मिले बजट पर चर्चा करते उद्यमी-संवाद
औद्याेगिक क्षेत्र में उद्योग को मिले बजट पर चर्चा करते उद्यमी-संवाद