संतकबीरनगर। पीएचसी बखिरा में प्रसव के लिए आई प्रसूता की 26 जून की रात मौत हो गई। तीन सदस्यीय कमेटी मामले की जांच कर रही है। अगर स्टाफ नर्स दोषी पाई जाती है तो उसकी सेवा समाप्त हो सकती है। तीन दिन में जांच टीम रिपोर्ट सीएमओ को सौपेंगी। वहीं पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर बिसरा प्रिजर्व कर दिया गया है।
बता दें कि बखिरा क्षेत्र के बौर व्यास निवासी मीरा 32 वर्ष पत्नी पिंटू कुमार को प्रसव पीड़ा हुई तो वह 28 जून की रात 12 बजे पीएचसी बखिरा पहुंची। जहां पर मौजूद एएनएम और स्टाप नर्स ने जांच किया और सुबह डिलेवरी होने की बात कही। पिंटू कुमार ने बताया कि जब स्टाप नर्स ने सुबह डिलेवरी की बात कही तो वह लोग अस्पताल में ही रुक गए। 29 जून की सुबह छह बजे फिर से कुछ जांच हुई और स्टाप नर्स ने कोई इंजेक्शन लगाया और दवा दी।
साढ़े सात बजे के करीब मीरा बेहोश हो गई। अस्पताल कर्मियों ने उसकी तबीयत ज्यादा खराब कहकर एंबुलेंस बुलाकर जिला अस्पताल भेजवा दिया। जहां पर चिकित्सकों ने जांच के बाद मौत होने की पुष्टि कर दी थी। पिंटू कुमार ने पीएचसी बखिरा के स्टाफ नर्स व अन्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया था। इसके बाद प्रसूता का पोस्टमार्टम कराया गया। जिसमे मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ। इसके बाद बिसरा प्रिजर्व कर दिया गया है।
सीएमओ के निर्देश पर पीएचसी बखिरा पर समस्त कागजात को अधिकारियों ने कब्जे में ले लिया था। इधर, सीएमओ ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। जिसमे अपर सीएमओ डॉ. महेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में टीम जांच कर रही है। टीम की जांच संविदा पर तैनात स्टाफ नर्स व अन्य कर्मियों से पूछताछ पर है। अगर स्टाफ नर्स इसमें दोषी पाई जाएंगी तो उनकी सेवा समाप्त करने की तैयारी भी है।