संतकबीरनगर। परिषदीय विद्यालयों में एक जुलाई से स्कूल खुल गए। बच्चों को एमडीएम के तहत गरमागरम भेजना दिया जाना है। लेकिन बीईओ हैंसर और जिले के 15 प्रधानाध्यापकों ने रसोइया चयन में लापरवाही बरती।
इसके साथ ही चयन से संबंधित सूचना विभाग को नहीं भेजी। जिससे शासन स्तर से नाराजगी जाहिर की गई है। इस लापरवाही पर बीएसए ने बीईओ समेत 16 प्रधानाध्यापकों का वेतन रोक दिया है। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि हैंसर ब्लॅाक के विद्यालयों से बर्तन खरीद के लिए उपभोग प्रमाण पत्र मांगा गया था। इसके साथ ही रसोइया चयन की सूची भी देनी थी। लेकिन वहां के स्कूलों ने इसकी सूची नहीं भेजी।
इसके बाद हैंसर के एमडीएम का कार्य देख रहे कर्मी का वेतन बाधित करते हुए 30 जून तक सूचना मांगी थी। उसके बावजूद सूचना नहीं दी गई। इस वजह से बीईओ हैंसर महेंद्र प्रसाद का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया। इसके अलावा सांथा ब्लॉक से बर्तन खरीद और रसोइया चयन से संबंधित सूचना नहीं दी गई।
जिसमे प्राथमिक विद्यालय मोतीपुर, प्राथमिक विद्यालय निघुरी, प्राथमिक विद्यालय मेंहदूपार, प्राथमिक विद्यालय केचुआखोर, प्राथमिक विद्यालय हरैया बाबू, प्राथमिक विद्यालय रमवारपुर सरकारी, प्राथमिक विद्यालय राजुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय करमाकलां, उच्च प्राथमिक विद्यालय मोतीपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय प्रतापपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय मीरापुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय विद्यालय भानपुर माफी, उच्च प्राथमिक विद्यालय खजुरी, कंपोजिट विद्यालय धर्मसिंहवां, उच्च प्राथमिक विद्यालय बरगदवा माफी ने सूचना नहीं दी।
यहां के प्रधानाध्यापकाें का वेतन रोक दिया गया है। इसके साथ ही स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।