बीएसए ने जारी किया निरस्त का आदेश ।संवाद
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छात्रों से वसूली का निरस्त हुआ आदेश
प्राइमरी और जूनियर के विद्यार्थियों से आईकार्ड के नाम पर 15 रुपये वसूलने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थियों से आई कार्ड के नाम पर 15 रुपये वसूलने की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग बैकफुट पर आ गया। आनन-फानन बीएसए ने आदेश को निरस्त कर दिया। इसकी विभाग में खूब चर्चा है।
जिले के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय में करीब डेढ़ लाख छात्र-छात्राओं का आई कार्ड बनाने के लिए बीएसए ने आदेश जारी किया था। इस आदेश के तहत एक प्राइवेट संस्था को आई कार्ड बनाने का जिम्मा सौंपा गया था। आदेश में बीएसए ने सभी बीईओ को निर्देश जारी कर कहा था कि आई कार्ड बनाने में सभी प्रधानाध्यापक संस्था का सहयोग करेंगे। इसके साथ ही प्रति छात्र से 15 रुपये भी वसूल कर देंगे। तकि उनका आई कार्ड बनाया जा सके। अमर उजाला ने 18 अक्तूबर के अंक में आई कार्ड के नाम पर 15 रुपये वसूलने की तैयारी शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। शिक्षक संगठनों ने भी विद्यार्थियों से आई कार्ड के नाम पर 15 रुपये लिए जाने का विरोध किया था। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। बीएसए ने आनन-फानन अपने आदेश को निरस्त कर दिया।
कोट
आईकार्ड बनाने में प्रधानाध्यापकों को सहयोग करने का जारी किया गया आदेश निरस्त कर दिया गया है। यह विभागीय त्रुटि थी। भूलवश आदेश जारी हो गया था।
-दिनेश कुमार, बीएसए