साहब! अभी मैं जीना और पढ़ना चाहती हूं...
ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित छात्रा की आर्थिक तंगी से नहीं हो पा रहा उपचार
संतकबीरनगर। उम्र 16, नाम रूपा। कक्षा 11वीं की छात्रा है और ब्रेन ट्य़ूमर से पीड़ित। गरीबी की वजह से सही से उपचार नहीं हो पाने की उसे पीड़ा है। उसने अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों के साथ स्वयं सेवी संगठनों से अपील मदद की गुहार लगाई है। उसने कहा, ‘साहब अभी वह जीना और पढ़ना चाहती है’, इसलिए उसे आर्थिक मदद की दरकार है ताकि उपचार न रुके। पिता ने भी एडीएम को प्रार्थना पत्र देकर मुख्यमंत्री सहायता कोष से उपचार के लिए मदद मांगी है।
दुधारा क्षेत्र के पिपरा गोविंद गांव की 16 वर्षीय रूपा ने बताया कि पिता जवाहिर लाल प्रजापति मजदूर हैं। काम नहीं मिलने पर केशवापुर में ठेले पर मूंगफली बेचते हैं। पिता के पास सिर्फ दस मंडी जमीन है। वह कक्षा 11वीं में पढ़ती है। चार बहनों और दो भाइयों में सबसे बड़ी है। छह महीने पहले उसकी तबीयत खराब हुई तो पिता बस्ती ले गए और निजी अस्पताल में दिखाया। डॉक्टर ने टीबी की दवा चला दी। जब फायदा नहीं हुआ तो पिता लखनऊ ले गए। वहां जांच हुई तो ब्रेन ट्यूमर का पता चला। अब तक दवा में उसकी मां का जेवर बिक चुका है। पिता रिश्तेदारों और अन्य से करीब डेढ़ लाख रुपये कर्ज हो गए हैं। डॉक्टर ऑपरेशन में ढाई से तीन लाख का खर्च बता रहे हैं। इधर आर्थिक तंगी की वजह से उसका उपचार नहीं हो पा रहा है। उसने खुद की जिंदगी बचाने और पढ़ लिखकर कामयाबी हासिल करने की इच्छा जताते हुए उपचार में लोगों से मदद की गुहार लगाई। पिता जवाहिर लाल प्रजापति ने बताया कि एडीएम को पत्र देकर मुख्यमंत्री सहायता कोष से मदद की मांग की गई है।