कुश्ती की शुरूआत गोविंद कठवतिया संतकबीरनगर और गोर्रा के दयाशंकर के मुकाबले से हुआ। इसमें गोविंद ने दयाशंकर को आसमान दिखाया।
उसके बाद सर्वेश भेऊसा गोरखपुर और अंकित कठवतिया संतकबीरनगर के बीच दंगल हुई इसमें भी कठवतिया गांव का पलड़ा भारी पड़ा। बंशीधर कठवतिया और रोहित भीटी रावत के बीच का मुकाबला बराबर का रहा।
रवि भीटी रावत ने सुदर्शन कठवतिया को आसमान दिखाकर कठवतिया गांव के बढ़त पर रोक लगाया। उसके बाद संजय कठवतिया और सुरेन्द्र स्पोर्ट कॉलेज गोरखपुर के बीच हुई कुश्ती बराबरी पर छुटी।
सुनील जौनपुर ने गुड्डू गोरखपुर को चित किया। अंगद कटया और राजन जौनपुर की कुश्ती बराबरी पर रही। जर्नादन गोरखपुर राम सिंह कठवतिया के बीच 10 मिनट तक चले कुश्ती का नतीजा बराबर रहा।
पीयूष गोरखपुर और राजबहादुर जौनपुर भी कुछ परिणाम नही निकाल पाए। विजय बहादुर कृष्णानगर गोरखपुर और अजय मोहददीपुर गोरखपुर के बीच छह मिनट की हुई कुश्ती के अंतिम क्षण में विजयबहादुर ने अपने प्रतिद्वंदी को चित कर दिया।
इस दौरान कुल 68 जोड़ी पहलवानों ने अपने अपने कला का प्रदर्शन किए। जिसका दर्शकों ने जमकर आनंद लिया। कुश्ती में निर्णायक की भूमिका ओमप्रकाश राय और गुजरात केसरी रहे भाष्कर राम तिवारी ने निभाया।
जबकि उद्घोषक का काम शत्रुघ्न राय ने किया। पहलवानों का उत्साह वर्धन करने के लिए सपा के पूर्व जिला महासचिव नित्यानंद यादव, हैंसर ब्लॉक के निर्वतमान प्रमुख राम अशीष यादव, पौली ब्लॉक के प्रमुख पतिनिधि राम मिलन यादव, रामबृक्ष कन्नौजिया, जिला पंचायत सदस्य बलराम यादव, जुबेर अहमद पहलवानों से परिचय किया। प्रतियोगिता में आयोजक महेन्द्र यादव, प्रधान रमायन, अनिरुद्ध, विनोद यादव समेत अन्य मौजूद रहे।