दोनों युवतियों का अपने प्रेमी के साथ संबंध स्थापित होने की कहानी भी दिलस्प है। पहली युवती कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है और वह एमए तक की पढ़ाई की है।
जबकि उसका प्रेमी एक पूर्व प्रधान का बेटा है। इसके अलावा वह एक डिग्री कॉलेज का छात्र संघ अध्यक्ष भी बताया जा रहा है। युवती और युवक की जब पहली मुलाकात हुई तो दोनों एक- दूसरे से प्रभावित नहीं हुए।
बाद में युवती की तरफ से पहल बढ़ी तो युवक भी राजी हो गया। पहले फोन पर बातचीत करते थे,लेकिन युवक दूसरे के फोन का इस्तेमाल करता था।
युवती के घर पर भी किसी न किसी बहाने युवक का आना- जाना हो जाता था। युवती ने शादी करने की जिद ठान ली और न करने की दशा में आत्म हत्या कर लेने की धमकी दी तो प्रेमी डर गया।
छह दिन पूर्व युवक और युवती घर से भाग गए। जब युवती की तलाश करके परिजन थक गए तो कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। प्रेमी के मोबाइल नंबर को ट्रेस करके पुलिस ने लोकेशन पता किया और फैजाबाद में दोनों पकड़े गए। दोनों अलग- अलग जातियों के है। परिजनों ने समाज के भय की दुहाई दी तो युवक मान गया,लेकिन युवती अलग नहीं रहने की जिद पर अड़ी थी। उसे समझाने में परिजन और शुभेच्छु जुटे थे।
दूसरी युवती भी कोतवाली क्षेत्र की ही रहने वाली है। युवती इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की है। उसका प्रेमी बस्ती जिले का निवासी है और सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता है।
युवक और युवती अलग- अलग जाति के है। छह माह पूर्व युवती को लेकर युवक भाग कर दिल्ली चला गया। जहां सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था।
युवती के परिजनों ने बहला फुसला कर भगा ले जाने का केस कोतवाली में दर्ज कराया था। पुलिस काफी समय से तलाश कर रही थी।
बाद में दोनों पकड़े गए। परिजन बेटी को नाबालिग बता रहे थे और उसकी गलती को माफ कर देने की बाते कर रहे थे,लेकिन वह भी परिजनों की बात सुनने को तैयार नहीं थी।
खुद को गर्भवती बता कर प्रेमी के साथ ही रहने की दुहाई दे रही थी। पुलिस कर्मियों का हाथ जोड़ कर प्रेमी को छोड़ देने और उसको उसके हाल में छोड़ने की मांग कर रही थी।
कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि दोनों मामले में पूछताछ चल रही है। नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।