मेंहदावल। आवास योजना में जिम्मेदारों द्वारा अनदेखी की जा रही है। आवास प्लस की सूची में नाम नहीं होने से जहां कई पात्र योजना का लाभ पाने से वंचित हो रहे हैं वहीं अपात्रों को आवास बांट दिए जा रहे हैं। शिकायत पर जांच भी हो रही है और मामला उजागर भी हो रहा है। अपात्रों से रिकवरी का निर्देश भी जारी हो रहा है। बावजूद इसकी रिकवरी नहीं हो पा रही है। ऐसे में क्षेत्र में कई मामले हैं। एक मामले में रिकवरी का आदेश हुए करीब 13 वर्ष का समय बीत गया, बावजूद अब तक रिकवरी नहीं हो पाई।
मेंहदावल विकास खंड के ग्राम पंचायत समोगर में अपात्रों को आवास दिए जाने की शिकायत तत्कालीन जिलाधिकारी से हुई थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच हुई। पांच लाभार्थी अपात्र पाए गए। उन्हें आवास निर्माण की प्रथम किस्त भी भेजी जा चुकी थी। तत्कालीन एडीओ पंचायत तथा के लघु सिंचाई की जांच में वर्ष 2021-22 में मामला उजागर हुआ। अपात्रों से आवास की प्रथम किस्त रिकवरी करने का आदेश भी हुआ नोटिस भी जारी की गई लेकिन अब तक धन की रिकवरी नहीं हो पाई।
सांथा विकास खंड के ग्राम पंचायत प्रतापपुर में वर्ष 2020-21 में ग्रामीणों की शिकायत पर जांच हुई। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना में 11 लोग अपात्र पाए गए। विकास कार्यों में भी अनियमित पाई गई। खंड विकास अधिकारी ने सभी अपात्रों से रिकवरी का निर्देश दिया था। आज तक न तो धन की रिकवरी हुई और न ही जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई हुई।
नगर पंचायत मेंहदावल में करीब 50 प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थी प्रथम किस्त खाते से आहरण करने के बाद भी निर्माण कार्य नहीं कराए। तत्कालीन एडीएम मनोज कुमार सिंह ने नगर पंचायत कार्यालय पर धन आहरण के बाद भवन निर्माण न करने वाले लोगों की सूची चस्पा कराने के साथ निर्माण न शुरू करने वाले लोगों से डूडा को धन रिकवरी का आदेश दिया था। लेकिन अब तक धन आहरण करने वाले लोगों से रिकवरी नहीं हो पाई यह मामला भी ठंडा बस्ते में डाल दिया गया।
डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम योजना के तहत वर्ष 2014-15 में मेंहदावल विकासखंड के ग्राम पंचायत भैंस माफी का चयन हुआ था। यहां के 167 लोगों को लोहिया आवास आवंटित किए गए। अपत्रों को लोहिया आवास आवंटित करने की शिकायत जिला अधिकारी से हुई थी। डीएम के निर्देश पर तत्कालीन सीडीओ रामनरेश के नेतृत्व में मौके पर पहुंच कर जांच की गई। जांच में छह लोग अपात्र पाए गए। जिस पर डीएम ने अपात्र पाए गए लोगों से धन रिकवरी का निर्देश सीडीओ को दिया था। रिकवरी नहीं हो पाई।