राज्य महिला आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता संघ के पदाधिकारियों ने सोमवार को जिलाधिकारी को तीन सूत्रीय ज्ञापन दिया। आशा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कई माह पूर्व साक्षात्कार कराए जाने के बाद भी आशा संगिनी का परिणाम घोषित नहीं किया जा रहा है, जिससे आक्रोश व्याप्त है। पदाधिकारियों ने कहा कि परिणाम घोषित किया जाए अन्यथा आशा कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन को मजबूर होंगी।
राज्य महिला आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता संघ की प्रांतीय महामंत्री एवं जिलाध्यक्ष माया सिंह के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ता पूर्वाह्न 11 बजे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची और डीएम को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष ने कहा कि आशा संगिनी का साक्षात्कार अगस्त 2014 में कराया गया, तब से अब तक बार-बार जांच और अन्य बहाना बनाकर परिणाम घोषित नहीं किया जा रहा है।
कहा कि यदि साक्षात्कार लेने वाली कमेटी ने कोई अनियमितता की है तो उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जाए, अन्यथा परिणाम घोषित करें। आशा कार्यकर्ताओं ने मांग किया कि सम्पूर्ण कार्यक्रमों का भुगतान 31 मार्च तक हर हाल में कराया जाए। आशा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शासन द्वारा तय किए गए कार्यक्रमों के अनुसार कार्य नहीं किया जा रहा है। आरोप लगाया कि आशा दिवस, सास बहू सम्मेेलन, परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत नसबंदी पुरस्कार आदि कार्यक्रमों में उद्देश्य की पूर्ति नहीं हो रही है, बल्कि खानापूर्ति की जा रही है। दो-दो कार्यक्रमों को एक साथ होटल में कराकर धन का बंदरबांट किया गया।
आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वृहद आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में संरक्षक बाल गोविंद सिंह, सरोज यादव, कमलावती देवी, लालमुन्नी, सावित्री मौर्य, अनीता देवी, ऊषा शर्मा आदि शामिल रहीं।