सरस्वती शिशु मंदिर बघुवा में रविवार की देर रात वार्षिकोत्सव का कार्यक्रम हुआ। बच्चों ने कार्यक्रम में देश भक्ति गीत, हास्य एकांकी, होली, लोकगीत व रामलीला का मंचन किया।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख राकेश सिंह बघेल ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम ही हमारी संस्कृति की असल पहचान है। वार्षिकोत्सव में बच्चों की विभिन्न प्रकार की प्रस्तुति से उनके भीतर मौजूद प्रतिभा में निखार आता है। राणा प्रताप, शिवाजी, कर्ण, अभिमन्यु, चंद्रशेखर आजाद के बलिदानों व भगवान राम के आदर्शों से शिक्षा लेकर ही सही रास्ते पर चलने की सीख मिलती है। अनिल त्रिपाठी ने कहा शिक्षा का जीवन में विशेष महत्व है। बगैर शिक्षा मानव जीवन एक पशु के समान है।
स्कूलों की विशेष जिम्मेदारी है कि वे अध्ययनरत छात्रों को निखारते हुए उनके भीतर प्रतिभाओं का विकास करें। विकास के लिए देश सेवा में समर्पित होना ही शिक्षा का मूल अभिप्राय है। इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरूआत में मां सरस्वती की वंदना व आरती गीत हुए। इसके बाद आकांक्षा, संध्या, नेहा, प्रेमलता, दीक्षा, प्रदीप्ता ने बंसती गीत, पौराणिक नाटक, हास्य नाटक, आल्हा, बिरहा, काव्यावली समेत अनेक रोचक व ज्ञानवर्धक मंचन किया।
कार्यक्रम का आनंद ले रहे छात्र व अभिभावक प्रस्तुति कर रहे बच्चों का मंचन देखकर भावविभोर हो गए। कार्यक्रम का संचलन प्रधानाचार्य रामनिधि तिवारी ने किया। इस मौके पर माधव शिक्षा समिति के जिलामंत्री जगतनरायन सिंह, चन्द्रप्रकाश कसेरा, मुद्रिका सिंह, रविन्द्र सिंह, जयचंद चौधरी, शंकरसरन पांडेय, आदर्श पांडेय, सुधा यादव, रीना सिंह समेत कई लोग रहे।