जल्द ही जिला अस्पताल में शिफ्ट होगा होम्योपैथिक अस्पताल
- डिप्टी सीएम के निर्देश पर संयुक्त निदेशक होम्योपैथिक अस्पताल पहुंचे
- मुख्यालय पर चिकित्सकों के लगातार न बैठने पर जताई नाराजगी
- अमर उजाला ने सात मई के अंक में प्रकाशित खबर का डिप्टी सीएम ने लिया था संज्ञान
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला होम्योपैथिक अस्पताल जल्द ही जिला अस्पताल में शिफ्ट होगा। इसके लिए कागजी कार्रवाई शुरू हो गई है। अमर उजाला में सात मई के अंक में प्रकाशित खबर का डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने संज्ञान लिया था और कार्रवाई का निर्देश दिए थे।
बृहस्पतिवार को संयुक्त निदेशक होम्योपैथिक डॉ. सुचेन अग्रवाल जिला होम्योपैथिक अस्पताल पहुंचे और जांच की। उन्होंने कहा कि मुख्यालय के अस्पताल में चिकित्सक के तीन दिन बैठने की बात गलत है। यहां पर प्रतिदिन चिकित्सक बैठना चाहिए। जिससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।
संयुक्त निदेशक होम्योपैथिक ने बताया कि अस्पताल दो कमरे में संचालित है। एक कमरे में जिला होम्योपैथिक अधिकारी कार्यालय और राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल संचालित है। जबकि यह दोनों अलग-अलग होना चाहिए। यहां पर तीन दिन एक महिला चिकित्सक को अटैच किया गया है। जबकि बाकी दिन कोई चिकित्सक नहीं रहता है। यह गलत है। यहां पर प्रतिदिन चिकित्सक की मौजूदगी रहनी चाहिए। जिला होम्योपैथिक अस्पताल जिले स्तर का अस्पताल होता है ऐसे में इसे जिला अस्पताल के ओपीडी में ही संचालित होना चाहिए। यहां के जिला होम्योपैथिक अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि जिला अस्पताल के सीएमएस के बातचीत कर इसे वहां पर शिफ्ट करा दें। अगर कोई दिक्कत आती है तो उन्हें बताएं। उन्होंने बताया कि पूरी रिपोर्ट डिप्टी सीएम को सौंपी जाएगी। इस दौरान प्रभारी जिला होम्योपैथिक अधिकारी डॉ. मिर्जा अनीस अहमद, होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. चंद्रशेखर समेत अन्य मौजूद रहे।
आरटीओ के बगल में अस्पताल के लिए मिली है जमीन
संतकबीरनगर। संयुक्त निदेशक होम्योपैथिक डॉ. सुचेन अग्रवाल को कर्मचारियों ने बताया कि आरटीओ ऑफिस के बगल में जमीन मिली है। उन्होंने जमीन के बाबत कागजात देखा और इस पर अमल करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जल्द ही होम्योपैथिक अस्पताल के भवन के निर्माण का प्रयास किया जाएगा। अस्पताल बनने से सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी।