संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। स्वच्छ, सुंदर शहर और सेफ सिटी बनाने के दावे के बीच अवैध होर्डिंग्स का जाल इस कदर फैल गया है कि शहर की सुंदरता पर ग्रहण लग गया है। सार्वजनिक स्थलों, प्रमुख चौराहों पर विशालकाय होर्डिंग्स लगा दिए गए हैं। यह किसी खतरे से खाली नहीं है।
कहीं ट्रांसफॉर्मर से सटे तो कहीं हाईटेंशन तार के पास और कहीं-कहीं तो बिजली के पोल में होर्डिंग बांध दिए गए हैं। इससे हर समय आने-जाने वालों पर खतरा मंडरा रहा है।
शहर का सबसे व्यस्त स्थान बैंक चौराहे से बंजरिया की तरफ जाने वाले मार्ग पर मोड़ के पास बड़ा ट्रांसफाॅर्मर लगा है। उसके ऊपर से हाईटेंशन तार भी गया है। वहीं पर तीन होर्डिंग लगाए गए हैं। यह सभी ट्रांसफॉर्मर से सटे हैं। यह नगर का सबसे व्यस्त चौराहा माना जाता है। यहां आवाजाही ज्यादा है। ऐसे में अगर कहीं पोल में करंट आया तो वह खतरे का सबब बन सकता है। इसी तरह से शुगर मिल के पास बिजली के पोल में ही होर्डिंग बांध दिया गया है। ऊपर तार से होर्डिंग सट भी रहा है। उसमें भी करंट उतरने की संभावना है।
नगर में सड़कों के किनारे लगे बड़े-बड़े होर्डिंग्स सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। तेज हवा चलने पर इनके गिरने का डर बना रहता है। वहीं, पुरानी तहसील के पास बिजली के खंभों के सहारे अवैध रूप से होर्डिंग्स बांधे गए हैं, जिससे सड़क का एक हिस्सा और फुटपाथ ढक गया है।
हैरानी की बात यह है कि अधिकारियों का काफिला इसी रास्ते से गुजरता है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है। नगर पालिका के नियम कहते हैं कि होर्डिंग लगाने के लिए स्थान चिह्नित हैं और इसके लिए अनुमति लेने के साथ शुल्क की अदायगी भी अनिवार्य है लेकिन दर्जनों जगहों पर बिना किसी अनुमति के प्रचार सामग्री की भरमार है।
नगर पालिका की तरफ से शहर में सिर्फ 15 होर्डिंग लगाने की अनुमति है। उसके उलट करीब 60 से अधिक होर्डिंग शहर में लगे हैं।