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Sant Kabir Nagar News: रेलवे भर्ती मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट की रोक

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संतकबीरनगर। रेलवे में भर्ती कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से रकम लेने के मामले में हाईकोर्ट ने एक आरोपी को राहत दी है। इनमें एक आरोपी को मीडिएशन (मध्यस्थता) की कार्रवाई पूरी होने तक गिरफ्तार न करने का आदेश दिया गया है। जबकि दो आरोपी को हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। मामले में कुल नौ आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी, जिनमें दो जेल भेजे जा चुके हैं और एक फरार है। उसके खिलाफ कोर्ट की तरफ से कुर्की की उद्घोषणा जारी की गई है। बाकी तीन आरोपियों पर धमकी का आरोप लगा था।
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पुलिस के अनुसार रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से रुपये लेने के आरोप में शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विवेचना के दौरान सामने आया कि मुख्य आरोपी ने कथित तौर पर अलग-अलग लोगों के बैंक खातों में रकम मंगाई थी। जांच में चार अलग-अलग खातों में रकम लिए जाने की बात सामने आई है।
इसके बाद आरोपी ने अपने खाते में रकम मंगवाई। पुलिस ने रकम के लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों को विवेचना में शामिल किया है।
रेलवे भर्ती के नाम पर ठगी के इस मामले में पुलिस ने नौ लोगों मुकेश वर्मा अज्ञात, प्रिंस वर्मा बड़नपुर बरयामपुर रामनगर बाराबंकी, गायत्री मौर्या हथिना राज, आलापुर अंबेड़करनगर, रोहित तिवारी गंगापुरवा सेदापुर सेवा चौक बाराबंकी, सोनू कुमार खलीलाबाद, चेतराम वर्मा बड़नपुर बरयामपुर रामनगर बाराबंकी एवं विजय वर्मा, रवि तिवारी व अरविंद श्रीवास्तव अज्ञात को आरोपी बनाया था।
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आरोप है कि आरोपियों ने रेलवे में नौकरी लगवाने का भरोसा देकर अभ्यर्थियों से रुपये लिए। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों प्रिंस वर्मा व सोनू को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
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तीन आरोपियों पर धमकी देने का भी आरोप
मामले में तीन आरोपियों पर शिकायतकर्ता या संबंधित लोगों को धमकी देने का आरोप भी लगाया गया था। आरोप है कि रकम वापस मांगने अथवा मामले की शिकायत करने पर दबाव बनाया गया। पुलिस ने इन आरोपों को भी मुकदमे की विवेचना में शामिल किया है। हाईकोर्ट में आरोपियों की ओर से गिरफ्तारी से राहत के लिए याचिका दाखिल की गई थी।
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चार खातों में पहुंची रकम की जांच
विवेचना में मुख्य आरोपी से जुड़े लेन-देन को अहम माना जा रहा है। आरोप है कि भर्ती के नाम पर ली गई रकम सीधे एक ही खाते में न लेकर चार अलग-अलग लोगों के बैंक खातों में मंगाई गई। इससे पुलिस अब इन खाताधारकों और मुख्य आरोपी के बीच संबंधों की भी जांच कर रही है। बैंक लेन-देन, मोबाइल संपर्क और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर रकम के प्रवाह को खंगाला जा रहा है।

हाईकोर्ट के आदेश से जांच की दिशा महत्वपूर्ण
मामले में हाईकोर्ट से एक आरोपी मुकेश वर्मा को मीडिएशन तक गिरफ्तारी से मिली राहत के बाद अब पुलिस की विवेचना और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है। वहीं कोर्ट ने अन्य गायत्री व रोहित को अंतरिम जमानत दे दी है। ऐसे में पुलिस को आगे की कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश और विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर करनी होगी।
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कोर्ट में नहीं हाजिर हुआ तो होगी कुर्की
पुलिस की कार्रवाई अब केवल गिरफ्तार आरोपी तक सीमित नहीं है। मामले में शामिल उसके एक अन्य साथी अरविंद श्रीवास्तव के खिलाफ कुर्की की उद्घोषणा न्यायालय की तरफ से हुआ है। एक अक्तूबर तक कोर्ट में हाजिर न होने पर कुर्की की कार्रवाई का आदेश भी हुआ है। इससे माना जा रहा है कि पुलिस फरार आरोपियों पर दबाव बनाने के साथ उनकी संपत्ति और अन्य गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है।
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पुलिस विवेचना चल रही है, विवेचना के दौरान जो तथ्य प्रकाश में आएगा, उसे केस डायरी में शामिल किया जाएगा।
-प्रियम राज शेखर पांडेय, सीओ खलीलाबाद
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