हैंसर बाजार स्थित सीएचसी मलौली का भवन।
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तीन लाख से भी अधिक लोगों की सेहत की देखभाल करने की जिम्मेदारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली पर है, लेकिन छह महीने से एक्स-रे मशीन बंद है। साधारण बीमारी के मरीज का भी उपचार नहीं हो पाता है। पेट दर्द व मामूली रूप से घायलों को भी रेफर कर दिया जाता है।
जनवरी 2023 में अब तक सीएचसी मलौली में इलाज कराने 3467 लोग आ चुके हैं। इनमें पेट दर्द से परेशान कोचरी गांव निवासी गंगाराम, मामूली रूप से घायल अशोक निवासी दरुवा, उल्टी-दस्त से पीड़ित श्रीरामपुर निवासी लक्ष्मी समेत 148 लोगों को यहां से रेफर किया जा चुका है।
शनिवार को अस्पताल में इलाज कराने आए रामरूप खासी और बुखार से पीड़ित थे। चिकित्सक को दिखाने के बाद जब वह दवा की खिड़की पर पहुंचे तो दवा नहीं होने की बात बताई गई। रामरूप को मेडिकल स्टोर से दवा खरीदनी पड़ी। अमित कुमार सिर दर्द से परेशान थे। उनका कहना है कि पांच दिनों से अस्पताल आकर दवा करा रहा हूं। बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है। इसके बावजूद कोई फायदा नहीं है।
अस्पताल आईं ममता का कहना है कि उनका आठ वर्षीय बच्चा खासी से परेशान है। चिकित्सक से दवा लिखवाया, लेकिन अस्पताल में नहीं मिली। एक्स-रे कराने आए राम मनोहर ने कहा कि पैर में दर्द है। चिकित्सक ने एक्स-रे कराने की सलाह दी। अस्पताल में एक्स-रे न होने की बात बताई जा रही है। एक्स-रे मशीन जिस कक्ष में लगाई गई है उस कक्ष में कबाड़ रखे हैं।
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कोट
कुछ दवाएं इस समय अस्पताल में नहीं हैं। गंभीर मरीजों को ही रेफर किया जाता है। टेक्नीशियन न होने के कारण एक्स-रे मशीन बंद है।
- डॉ. विनोद कुमार राव, अधीक्षक, सीएचसी