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बारिश बनी मुसीबत

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बाघनगर में प्राइमरी व जूनियर हाई स्कूल परिसर में भरा बारिश का पानी। - फोटो : KHALILABAD
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खेती के लिए राहत, शहर के लिए आफत बनी बारिश
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- स्कूल और कार्यालय के परिसरों में भरा पानी
- शहर के जल निकासी के लिए लगानी पड़ी जेसीबी
- नालियां ओवरफ्लो, सड़कों पर पसरा कीचड़
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश अब आफत बन गई है। हर तरफ ताल-तलौया जैसा दृश्य नजर आ रहा है। इससे सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। स्कूलों, कार्यालयों के परिसरों में पानी भर गया है। खलीलाबाद शहर में जल निकासी व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। नालियां ओवरफ्लो होकर बह रही है। सड़कें कीचड़ से सराबोर हो गई है। जिससे राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को तो शहर में जल निकासी के लिए जेसीबी लगानी पड़ी। उधर बारिश से डीएम आवास की चहारदीवारी गिर गई। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ।
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रविवार की रात में बारिश का सिलसिला शुरू हुआ जो बुधवार को भी दिनभर जारी रहा। इससे किसानों को तो राहत मिल गई है। उन्हें धान की रोपाई करने में सहूलियत मिली है। बारिश से खेतों में पानी लगा हुआ है, जिससे धान की रोपाई में तेजी देखी जा रही है। दूसरी तरफ यह बारिश शहरी क्षेत्र के लिए आफत बनती जा रही है। शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया है। नालियां जाम होने के कारण पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बह रहा है। ऐसे में इस गंदे पानी से होकर आने-जाने में लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। हालांकि नगर पालिका प्रशासन ने नालियां खोलने के लिए कर्मचारियों को लगाया है जो सुबह से इस काम में लगे हुए हैं। लेकिन बारिश के कारण समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। बारिश का पानी कई स्कूलों के परिसरों में भी भर गया है जिससे स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति काफी कम रही। जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद, पटखौली आदि स्कूलों के परिसर लबाबल पानी से भर गए हैं। सरकारी कार्यालयों के परिसरों में भी पानी भरा हुआ है। सीएमओ कार्यालय के गेट पर तो घुटने भर पानी लगा है। ऐसी ही स्थिति जिला चिकित्सालय के गेट की भी है। अन्य कार्यालयों के परिसरों में पानी भरा हुआ है। ऐसे में प्रशासन ने जेसीबी से खुदाई कर जल निकासी व्यवस्था ठीक करने में जुटा हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों के कस्बों में भी जल जमाव बना हुआ है। इसमें सेमरियावां, बाघनगर, नंदौर, मेंहदावल, बखिरा, नाथनगर, धनघटा, पौली, शनिचरा बाजार आदि शामिल है। सड़कों पर कीचड़ पसर जाने के कारण आने-जाने वाले परेशान है। जो लोग छप्पर या मिट्टी के बने घरों में रह रहे है, वह खासे परेशान है।
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