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गर्मी : 42 डिग्री सेल्सियस पहुंचा पारा, बिजली की भी हो रही बेतहाशा कटौती

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संतकबीरनगर। मौसम में तल्खी बनी हुई और पारा भी लगातार चढ़ रहा है। शनिवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। इससे लोग भीषण गर्मी से बेहाल हैं। इस बीच शहर से लेकर देहात तब बिजली की कटौती ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। स्थिति यह है कि शहर में लोड बढ़ने से बार-बार ट्रिपिंग की समस्या हाे रही है और बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रिकालीन कटौती से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है।
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विद्युत निगम ने आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए तमाम प्रयास किए। इसमें जर्जर तारों को बदलकर केबल के तार लगाए और ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता वृद्धि के साथ ही कई जगह नए ट्रांसफाॅर्मर लगाए गए। मैलानी में विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कराया, लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ ही विद्युत निगम की पूरी व्यवस्था फेल हो गई है।
आसमान से बरस रही आग से जहां लोग बेहाल हैं, वहीं लोड बढ़ने से बिजली का संकट खड़ा होने लगा है। विद्युत निगम के सूत्रों का कहना कि पिछले वर्ष अप्रैल में 44.077 मिलियन यूनिट की खपत हुई थी, जबकि इस वर्ष 44.482 मिलियन यूनिट की खपत हुई है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 3.405 मिलियन यूनिट अधिक है।
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मई में डिमांड और बढ़ी है, लेकिन अभी इसका डाटा निगम के पास नहीं है। इधर बिजली की जरूरत बढ़ने से लोड बढ़ गया है और ट्रिपिंग की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है। इससे आम उपभोक्ताओं के साथ ही दुकानदारों को परेशान होना पड़ रहा है।
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विद्युत कटौती से उपभोक्ता परेशान, रात भर गायब रहती है बिजली



धनघटा। विद्युत उपकेंद्र मुखलिसपुर हो या हैंसर बाजार, कहीं से भी उपभोक्ताओं को जरूरत के मुताबिक विद्युत आपूर्ति नहीं मिल रही है। इसका नतीजा यह है कि अगर दिन में बिजली चार घंटे के लिए आती है, तो शाम को गायब हो जाती है। पूरी रात बिजली न आने के कारण उपभोक्ता रतजगा करने को विवश हैं।

गर्मी का महीना शुरू होते ही एक तरफ जहां विद्युत आपूर्ति की मांग बढ़ जाती है, वहीं दूसरी तरफ बिजली आपूर्ति कम हो जाती है। बिजली निगम के कर्मचारियों का कहना है कि तेज हवा के कारण जगह-जगह फाल्ट की समस्या आती है। साथ ही साथ गर्मी की वजह से मशीन भी बैठ जाती है। वैसे तो विद्युत उपकेंद्र पर 18 से 20 घंटे बिजली उपलब्ध रहती है, लेकिन जगह-जगह होने वाली तकनीकी खामियों के कारण आपूर्ति पूरी तरह नहीं मिलती है।
लंबा क्षेत्र होने से तार भी अधिक दूरी तक खींचे गए हैं। जब बिजली की आपूर्ति शुरू की जाती है तो कहीं न कहीं फाल्ट हो जाता है। इसे ठीक करने में समय तो लगता ही है। रात होने वाली खराबी को दूर करने में कठिनाई आ रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि सुबह हो या शाम खाना बनाने और खाने के समय बिजली अक्सर नहीं रहती है।
अजय कुमार, रामलोचन, रविंद्र राय, अशोक राय, राजन राय, शिवप्रसाद आदि का कहना है कि बिजली कटौती के कारण नींद पूरी नहीं हो पा रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि दिन में आग बरस रही है, तो बिजली कटौती और मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। उमस भरी गर्मी के कारण रहना-सोना मुश्किल हो जाता है।
इस संबंध में बिजली निगम के अवर अभियंता रामकरन आर्या का कहना है कि बिजली की आपूर्ति नियमानुसार की जा रही है। कभी-कभी तकनीकी खराबी के कारण आपूर्ति में बाधा आ रही है, जिसे ठीक कर आपूर्ति बहाल कर दी जा रही है।
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रोस्टिंग के नाम पर कटती रही रात में बिजली, लोग हुए परेशान

मेंहदावल। क्षेत्र में शुक्रवार की देर रात विद्युत आपूर्ति आंख मिचौली चलती रही। रात्रि में 9:30 बजे विद्युत आपूर्ति बंद हुई तो 10:30 बजे रात में आपूर्ति बहाल हुई। उसके बाद कई बार कटौती का खेल चलता रहा, जिसके कारण उमस भरी गर्मी में लोग परेशान रहे।
जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, वैसे-वैसे कटौती का खेल शुरू हो गया है। रोस्टिंग के नाम पर कटौती हो रही है। अब हर दूसरे दिन रात में मनवापुर से कटौती शुरू हो गई है। जब लोगों के सोने का समय होता है, तो कटौती का खेल शुरू हो जाता है। गर्मी चरम पर है, लोग गर्मी से बेहाल व परेशान हैं। बिजली निगम राहत देने की जगह बिजली कटौती करके लोगों को और परेशान कर रहा है।
2:30 बजे रात तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहता है। कई बार कई बार कटौती होने से विद्युत कटौती होने से लोगों को रतजगा करना पड़ा। स्थानीय निवासी चंदन गुप्ता, दीपक कसेरा, गोलू गुप्ता, भोलू, अशोक कुमार गुप्ता, विशाल सिंह, दीनदयाल आदि का कहना है कि दिन से लेकर रात तक भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे में शाम को काम करके घर पहुंचने पर बिजली किल्लत से जूझना पड़ रहा है।
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बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। लोकल फाल्ट दुरुस्त करने के लिए कर्मचारियों को लगाया गया है।
-मनोज कुमार श्रीवास्तव, अवर अभियंता
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