संतकबीरनगर। दुर्गा पूजा व दशहरा बीत चुका है और दीपावली में 11 दिन शेष बचे हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत कर्मियों को दो माह से पारिश्रमिक का भुगतान नहीं हो सका है। इसके साथ ही मार्च माह का भुगतान भी फंसा हुआ है। जिसके कारण स्वास्थ्य कर्मियों के त्योहार फीके पड़ रहे हैं, वहीं उन्हें आर्थिक समस्या से जूझना पड़ रहा है। बच्चों तक की फीस का इंतजाम नहीं हो पा रहा है।
जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संविदा कर्मियाें के साथ ही आशा और आशा संगिनी के भुगतान की स्थिति बिगड़ गई है। अगस्त और सितंबर माह का भुगतान अब तक नहीं हो सका है, इस बीच दुर्गा पूजा व दशहरा बीत गया। स्वास्थ्य कर्मी भुगतान की उम्मीद लगाए रह गए। अब दीपावली भी नजदीक है, ऐसे में कर्मियों की चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि भुगतान की व्यवस्था में परिवर्तन किया जा रहा है, जिसके कारण समस्या आई है।
दूसरी तरफ जिले में कार्यरत 1957 आशा व 84 आशा संगिनी के पारिश्रमिक का भुगतान भी दो माह से अटका हुआ है। इसके साथ ही मार्च महीने का भुगतान भी नहीं हो पाया है। ऐसे में आक्रोश बढ़ रहा है। आशा कार्यकर्ता सुनीता, नीलम आदि ने बताया कि भुगतान न होने से बच्चों की फीस भरने में दिक्कत आ रही है। आगे कई त्योहार है, यदि भुगतान नहीं हुआ तो त्योहार कैसे मनेगा। आशा संघ की जिलाध्यक्ष सरोज यादव ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन छेड़ा जाएगा।