संतकबीरनगर। जिले में तीन साल पहले नौ हेल्थ एटीएम आए थे, जिसे सीएचसी और पीएचसी में भेजकर लगवाया गया, लेकिन आज भी एटीएम अस्पताल के कमरे में शोपीस बनकर रह गए हैं। कही हेल्थ एटीएम मशीन खराब है तो कही पर इसे चलाने के लिए टेक्नीशियन ही नहीं है।
सीएचसी खलीलाबाद, सीएचसी मेंहदावल, पीएचसी बघौली और रोसया बाजार, सीएचसी सेमरियावां समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल नौ हेल्थ एटीएम तीन साल पूर्व आए थे। इन हेल्थ एटीएम मशीन को अस्पतालों पर लगाया गया ताकि मरीजों की विभिन्न प्रकार की जांच हो और तत्काल रिपोर्ट मिल सके।
इस मशीन से शुगर, बीपी, टायफाइड, मलेरिया समेत अन्य जांच की सुविधा मिलनी थी लेकिन मशीन चालू हुई ताे उसके बाद वह बंद हो गई।
बताया जा रहा है कि एक हेल्थ मशीन की कीमत करीब पांच लाख रुपये है। यह मशीन अस्पताल के कमरे में बंद है। यही नहीं इन मशीनों को चलाने के लिए कोई टेक्नीशियन भी नहीं हैं। कई जगह तो मशीन खराब हो चुकी है। सीएचसी खलीलाबाद में आए हेल्थ एटीएम स्टाल हुआ लेकिन फिर खराब हो गया।
सीएचसी खलीलाबाद और सीएचसी शनिवरा पर आए ज्ञानचंद, पंकज आदि ने बताया कि अगर हेल्थ एटीएम चलता तो तत्काल जांच रिपोर्ट मिल जाती है। विभाग को इसे सही कराना चाहिए।