बखिरा थाने पर तैनात मृतक मुख्य आरक्षी अशोक पांडेय की फाइल फोटो।
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हादसे में हेड कांस्टेबल की मौत
- बखिरा थाने पर दो वर्षों से थे तैनात, गाजीपुर जिले के थे रहने वाले
अमर उजाला ब्यूरो
बखिरा/ संतकबीरनगर। रविवार की देर शाम हादसे में घायल हुए बखिरा थाने में तैनात हेड कांस्टेबल की गोरखपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में रविवार रात उपचार के दौरान मौत हो गई। साथी की मौत से पुलिस कर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार को रिजर्व पुलिस लाइंस में श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर साथी की मौत पर अधिकारियों - कर्मचारियों ने शोक जताया। एसपी ब्रजेश सिंह और एएसपी असित श्रीवास्तव ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। एसपी की ओर से अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को 4000 रुपये, सरकारी गाड़ी व गार्द समेत हेड कांस्टेबल का शव गांव के लिए रवाना किया।
गाजीपुर जनपद के जमनिया थाने के हरपुर गांव के रहने वाले 48 वर्षीय हेड कांस्टेबल अशोक पांडेय दो वर्षों से बखिरा थाने पर तैनात थे। रविवार को उनकी नंदौर चौराहे पर पिकेट ड्यूटी थी। वह शाम को करीब सात बजे पिकेट ड्यूटी करके बाइक से वापस थाने पर लौट रहे थे। वह शाम साढ़े सात बजे के करीब बखिरा- नंदौर मार्ग पर थाने से कुछ ही दूरी पर स्थित लोरीबारी गांव की पुलिया के निकट पहुंचे ही थे। उसी दौरान खलीलाबाद की तरफ से तेज गति से गुजरी बोलेरो ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में वह गंभीर रुप से घायल हो गए। इधर मौका पाकर चालक बोलेरो लेकर फरार हो गया। सूचना पर पहुंचे साथी पुलिस कर्मियों ने घायल हेड कांस्टेबल को जिला अस्पताल ले गए, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। लोगों ने उन्हें गोरखपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां रविवार रात में ही उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। शव को साथी जिला मुख्यालय लाए ओर बाद में पोस्टमार्टम कराएं। इधर साथी की मौत की सूचना पर पुलिस कर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस लाइंस में श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर साथी को अंतिम विदाई दी गई। पुलिस कर्मियों ने बताया कि हेड कांस्टेबल की तीन बेटियां और आठ वर्ष का इकलौता बेटा है। मृतक अशोक पांडेय बेहद ही मिलनसार स्वभाव के थे। उनकी मौत से परिजनों का जहां रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं साथी पुलिस कर्मी भी गमगीन थे।