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एंबुलेंस से सामान ढोने की बात सुन भड़के नोडल अफसर

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कलेक्ट्रेट आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित करते नोड्ल अधिकारी। - फोटो : KHALILABAD
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एंबुलेंस से सामान ढोने की बात सुन भड़के नोडल अफसर
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- सभी सरकारी गाड़ियों का लॉगबुक तलब किया
- मरीजों के दांत का एक्स-रे नियमित करने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। प्रमुख सचिव होमगार्ड एवं जिले के नोडल अफसर अनिल कुमार द्वितीय ने सोमवार को सीएचसी खलीलाबाद का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एंबुलेंस में सामान ढोने की जानकारी होने पर भड़क गए। मौके पर मौजूद सीएमओ डॉक्टर हरगोविंद सिंह से नाराजगी जताई। नोडल अफसर ने सख्त हिदायत दिया कि एंबुलेंस मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए है, न कि सामान की ढुलाई करने के लिए। इसे गंभीर बताते हुए डीएम को संज्ञान लेने की बात कहीं।
जिले के नोडल अफसर अनिल कुमार द्वितीय ने सोमवार को सुबह साढ़े दस बजे सीएचसी खलीलाबाद पहुंच गए। ब्लड बैंक पहुंच कर वहां की स्थिति देखी। पास में खड़ी दो एंबुलेंस के बारे में जानकारी प्राप्त की। सीएमओ ने बताया कि एक एबुलेंस निष्प्रयोज्य घोषित है। जबकि 102 व 108 नंबर की एंबुलेंस आने से खड़ी दूसरे एंबुलेंस से दवा व अन्य सामान की ढुलाई होती है। यह सुनते ही नोडल अफसर भड़क गए। नोडल अफसर ने सख्त हिदायत दिया कि एंबुलेंस मरीज लाने और पहुंचाने के लिए है न कि सामान की ढुलाई करने के लिए। नोडल अफसर ने सभी सरकारी गाड़ियों की लॉकबुक तलब किया। इसके जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों का हालचाल पूछा। इस दौरान सफाई व्यवस्था पर अधीक्षक डॉक्टर वीपी पांडेय से जानकारी हासिल की। बताया गया कि दो नियमित सफाई कर्मी है।
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नोडल अफसर ने सफाई व्यवस्था और बेहतर करने की नसीहत दी। एक्स-रे मशीन के निरीक्षण में उन्होंने दांत के एक्सरे के बारे में जानकारी हासिल की तो पता चला कि कभी- कभार ही दांत का एक्सरे हो पाता है। जिस पर उन्होंने व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया।
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अधूरे प्रोजक्टों की मांगी सूची
संतकबीरनगर। जिले के नोडल अफसर अनिल कुमार द्वितीय ने दोपहर में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास कार्यों की समीक्षा। डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र ने बताया कि बताया कि जिले में 1605 राजस्व गांव है और सभी ओडीएफ घोषित हो चुके है। शौचालय निर्माण की स्थिति के बारे में जानकारी दी। ईओ बीना सिंह ने नगर पालिका समेत पुराने तीनों नगर पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों और सार्वजनिक शौचालयों के बारे में बताया। इसी तरह मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर टीपी मिश्रा ने बताया कि जिले में स्थापित गो आश्रय स्थलों के बारे में जानकारी दी। ठंड में पशुओं को बचाव के लिए तिरपाल की व्यवस्था किए जाने का जिक्र किया। इसी के साथ बताया कि फरवरी से अब तक 124 गोवंशीय पशुओं की मौत हो चुकी है। जिनका पोस्टमार्टम भी कराया गया था। सीडीओ बब्बन उपाध्याय ने पीएम आवास ग्रामीण और सीएम आवास योजना के बारे में बताया और दिसंबर तक लक्ष्य पूरा कर लिए जाने की बात कहीं। डूडा के शहर कार्यक्रम अधिकारी ज्ञानेंद्र शुक्ला ने बताया कि 11910 पीएम शहरी आवास स्वीकृत है। मार्च 2022 तक 6531 आवास पूर्ण किए जाने का लक्ष्य है। 5122 लोगों को द्वितीय किस्त दी जा चुकी है। नगर पालिका का सीमा विस्तार हुआ है और बखिरा, बेलहर नई नगर पंचायतें बनी है, जहां आवास के लिए फार्म भरवाया जा रहा है। इसी तरह अन्य योजनाओं के बारे में भी जानकारी हासिल की।
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‘पहले शादी हो चुके जोड़ों की क्या सामूहिक विवाह में कराई जाती है शादिया’
संतकबीरनगर। नोडल अफसर अनिल कुमार द्वितीय ने बैठक के दौरान जैसे ही सीएम सामूहिक विवाह योजना का जिक्र जिला समाज कल्याण अधिकारी ने किया, वैसे ही सवाल पूछा कि ऐसी शिकायतें अक्सर मिलती है कि जिन जोड़ों की पहले शादी हो चुकी होती, उन्हीं जोड़ों की सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शादियां कराई जाती है। ऐसे सवाल पर बैठक में मौजूद अधिकारी अवाक रह गए। बाद में डीएम रवीश गुप्त ने बताया कि जिले में ऐसी बात नहीं है। पूर्व में एक गर्भवती की शादी हो गई थी तो मीडिया ने इसे बहुत उछाला था। डीएसटीओ एनके सिंह ने बताया कि देवरिया जिले में पुलिस की मदद से काफी संख्या में प्रेमी जोड़ों की शादी सामूहिक विवाह में कराकर उन्हें मान्यता प्रदान की गई थी। इस जिले में ऐसा कुछ भी नहीं होता है।
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