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बाहर दिख् रही थी मुहब्बत, अंदर-अंदर सुलग रही थी दोनों में नफरत

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बाहर दिख् रही थी मुहब्बत, अंदर-अंदर सुलग रही थी दोनों में नफरत - फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। राजनीति में भी अजब-गजब के खेल चलते हैं। यहां दोस्ती और दुश्मनी का सटीक अंदाजा लगाना मुश्किल है। कलेक्ट्रेट सभागार में सांसद और विधायक के बीच हुई मारपीट की घटना के दूसरे दिन सोशल मीडिया में कुछ ऐसी तस्वीरें वायरल हुईं जिसे देखने के बाद इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल है कि इनके बीच अचानक ऐसा क्या हुआ कि पूरे देश में ये दोनों राजनीति के लिए कलंक बताए जाने लगे।
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वर्ष-1996 में गठबंधन की राजनीति पर जब अनुभवी राजनेता अटल विहारी वाजपेयी ने यह कहा था कि राजनीति में कोई स्थाई दोस्त या दुश्मन नहीं होता तो लोगों ने इसे उनकी मजबूरी कहा था, लेकिन सांसद शरद त्रिपाठी और विधायक राकेश सिंह बघेल की साथ-साथ मुस्कराती तस्वीरें अटलजी के उस बयान को पुख्ता करती हैं। एक मार्च को खलीलाबाद शहर के लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले में आननफानन 65 सड़कों के मरम्मतीकरण कार्य की शुरुआत के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उस कार्यक्रम में सांसद शरद त्रिपाठी के साथ विधायक मेंहदावल राकेश सिंह बघेल भी शामिल हुए थे। दोनों ने एक साथ जाकर बटन दबाकर शिलापट्टों का अनावरण किया था। करीब एक घंटे के संक्षिप्त कार्यक्रम में दोनों नेताओं ने न सिर्फ सरकार की उपलब्धियां गिनाईं बल्कि अपनी उपलब्धियों का भी बखान किया।इसके अगले दिन ही दो मार्च को जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद के परिसर में खलीलाबाद-बहराइच रेल लाइन का शिलान्यास कार्यक्रम था। कार्यक्रम में रेल मंत्री पीयूष गोयल, रेल और संचार मंत्री मनोज सिन्हा बतौर मुख्य अतिथि आए थे। मंत्री मनोज सिन्हा को रेलवे स्टेशन से कार्यक्रम स्थल तक लाने के लिए बाइक रैली निकली। विधायक राकेश सिंह बघेल हेलमेट पहने बाइक चला रहे थे और पीछे पार्टी का झंडा लिए सांसद शरद त्रिपाठी बैठे थे। यह फोटो खूब वायरल हो रही है।इसके बाद छह मार्च की शाम को जिला योजना की बैठक में सांसद और विधायक के बीच अचानक कहासुनी मारपीट में बदल गई। सांसद ने ताबड़तोड़ जूते बरसाए तो विधायक ने भी कई घूसे और तमाचे जड़ दिए। कुछ ही दिन पुराने फोटो खूब वायरल हो रहे हैं और लोग इस पर चुटकी ले रहे हैं कि राजनीति में कोई स्थाई दोस्त या दुश्मन नहीं होता।
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