संतकबीरनगर। भीषण गर्मी, तेज धूप और बढ़ती उमस का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। जिले में तापमान और उमस बढ़ने के साथ त्वचा संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों मरीजों की भीड़ उमड़ रही है।
शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में दोपहर दो बजे तक करीब 1,155 मरीजों ने पंजीकरण कराया, जिनमें बड़ी संख्या त्वचा रोग से पीड़ित मरीजों की रही। चिकित्सकों के अनुसार इन दिनों इंफ्रारेड बर्न, घमौरियां, फंगल संक्रमण, खुजली और त्वचा एलर्जी से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
सुबह आठ बजे के बाद ही तेज धूप और उमस लोगों को परेशान करने लगती है। दोपहर तक स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। अस्पताल पहुंचे मरीजों में संगीता, सुमन, विनीता, संतू, आशा, राजेश, सुनीता, मीना, सुरेश, मीनू और रमेश सहित 60 से अधिक लोग गर्मी और पसीने से होने वाली समस्याओं से परेशान दिखाई दिए। अस्पताल परिसर में पर्चा बनवाने से लेकर चिकित्सकों को दिखाने तक मरीजों को थोड़ा इंतजार भी करना पड़ा।
चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. एसबी गौतम ने बताया कि उमस भरी गर्मी में लगातार पसीना शरीर पर रुकने से त्वचा प्रभावित हो जाती है। विशेष रूप से पीठ, गर्दन और सीने के हिस्से में त्वचा जलने जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, जिसे इंफ्रारेड बर्न कहा जाता है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन 20 से 25 मरीज इंफ्रारेड बर्न, 15 से 20 मरीज धूप से त्वचा झुलसने, 10 से 15 मरीज घमौरियों और 20 से 25 मरीज फंगल संक्रमण की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
बरतें सतर्कता
- अधिक मात्रा में पानी पीएं
- सूती और ढीले कपड़ों का प्रयोग करें
- पसीना आने पर तुरंत कपड़े न बदलें
- रसदार फलों का सेवन बढ़ाएं
- त्वचा संबंधी समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श लें