धनघटा। महुली क्षेत्र में सगे भाई-बहन की कुआनो नदी में डूबने से मौत के बाद दौलतपुर घाट से मानपुर गांव तक चीख पुकार मच गई। दो बच्चों की मौत के बाद माता-पिता व अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शैंपू लेकर लौट हकीमुल्लाह बच्चों के शव देख कर दहाड़े मारकर रोने लगे। उनकी चीख पुकार सुनकर मौके पर मौजूद लोगों की भी आंखें नम हो गईं।
मानपुर निवासी हकीमुल्लाह शुक्रवार को अपने ससुराल जाने के लिए बेटे सलीम और बेटी इफत को साथ लेकर घर से निकले। रास्ते में कुआनो नदी के दौलतपुर घाट पर गर्मी से परेशान बच्चों ने नदी में स्नान करने की इच्छा जाहिर की। बच्चों की इच्छा पर पिता का भी स्नान करने का मन हुआ। वह एक दुकान से शैंपू लेेने चले गए।
शैंपू लेकर लाैटने पर उन्होंने देखा कि उनके बच्चे गहरे पानी में चले गए हैं। बच्चों को डूबता देख हकीमुल्लाह ने शोर मचाया, जिसे सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। इस बीच लोगों ने बच्चों के कुआनो नदी में डूबने की सूचना पुलिस को दी। थोड़ी देर में पहुंची पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों से बच्चों की तलाश शुरू करा दी। करीब दो घंटे की कड़ी मेहनत के बाद गोताखोर बच्चों को नदी से बाहर निकालने में कामयाब हो सके, लेकिन तब तक दोनों बच्चों की मौत हो चुकी थी।
बच्चों के शव को देखते ही हकीमुल्लाह दहाड़े मारकर रोने लगे। घटना की सूचना उनके परिजनों को हुई तो परिजन भी रोते-बिलखते घाट पर पहुंचे। लोगों ने बताया कि हकीमुल्लाह का चार वर्षीय बेटा शारिक भी मां-बाप को रोते देखकर सिसकियां भरने लगा। घटना की सूचना पर बच्चों के ननिहाल में भी मातम पसर गया।
13 वर्षीय सलीम गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा-छह और सात वर्षीय इफत कक्षा-दो में पढ़ती थीं। बच्चों की मौत के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा है।