मेंहदावल। तहसील क्षेत्र में स्थित राप्ती नदी पर बने करमैनी-बेलौली बांध की स्थिति अभी तक नहीं सुधरी है। बांध कई जगह गड्ढे हैं वहीं बोल्डर पीचिंग भी क्षतिग्रस्त है। बरसात से पूर्व तटबंध की सुरक्षा व्यवस्था का दावा यहां विफल नजर आ रहा है। इसको लेकर लोगों ने नाराजगी जताई है। मेंहदावल क्षेत्र के पूर्वी उत्तरी हिस्से में राप्ती नदी के तट पर करमैनी-बेलौली तटबंध का निर्माण कराया गया है। 19.2 किलोमीटर लंबा यह तटबंध गोरखपुर जनपद की सीमा को जोड़ता है। सिंचाई विभाग की मानें तो 15 जून के बाद से बरसात का समय शुरू हो जाता है। ऐसे में तटबंध की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम बरसात शुरू होने से पूर्व कर लिए जाते हैं, लेकिन तटबंध पर अभी तक काम नहीं हुआ है। यहां बरसात से दो माह पहले बिशनपुर में एप्रन आदि के कार्य हो रहे हैं।
करीब 330 मीटर में बनने वाला यह एप्रन स्पर आदि का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। वहीं तटबंध पर अभी रेनकट व गड्ढे मौजूद हैं। डुमरिया बाबू की तरफ जाने पर बंधे के दोनों तरफ कई जगह गड्ढे हैं। बेलौली के पास बांध को सुरक्षित करने के लिए तथा राप्ती की जलधारा को मोड़ने के लिए बनाए गए बोल्डर पीचिंग क्षतिग्रस्त है। यही हाल नौगो में बोल्डर पीचिंग का है, जबकि इस तटबंध पर नौगो, जोरवा, विशुनपुर बेलौली अति संवेदनशील कटान स्थल हैं, लेकिन तटबंध की सुरक्षा को लेकर ड्रेनेज खंड द्वितीय गंभीर नहीं है।
क्षेत्रीय निवासी दयासागर यादव श्रीराम जयप्रकाश अनिल कुमार शंभू यादव संदीप सिंह जितेंद्र कुमार आदि लोगों का कहना है कि जब बरसात का समय करीब आता है तभी विभाग को तटबंध की याद आती है। काम भी शुरू होता है लेकिन बरसात होते ही सारा काम पानी में बह जाता है। बिशनपुर स्थित तटबंध की सुरक्षा के लिए कार्य कराया जा रहा है लेकिन यह कार्य पहले न कराकर बरसात के समय में शुरू हुआ है।
अब बरसात का समय सिर पर है काम पूरा नहीं हुआ है बरसात शुरू होते ही नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो जाएगा। ऐसे में अधूरा कार्य पानी में बह जाएगा। संबंधित विभाग इस पर गंभीर नहीं हो रहा है ऐसे में बाढ़ग्रस्त क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ गई है। लोगों ने समय से कार्य पूर्ण कराने की मांग की है।