अवकाश देने में बरती लापरवाही तो होगी कार्रवाई
अवकाश लंबित व अस्वीकृत होने की दर्ज करना होगा पूरा विवरण
संवाद न्यूज एजेेंसी
संतकबीरनगर। परिषदीय शिक्षकों के ऑनलाइन अवकाश का निपटारा निर्धारित समय सीमा में करना होगा। अगर किसी शिक्षक के अवकाश में विलंब या अस्वीकृत कर दिया जाता है तो उक्त शिक्षक से फोन पर परियोजना कार्यालय फीड बैक लेगा, इसमें अगर बीएसए या बीईओ स्तर से लापरवाही मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी।
बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों को ऑनलाइन अवकाश के लिए आवेदन करना होता है। पहले शिक्षकों के आवेदन का निपटारा करने में विभाग काफी लापरवाही बरतता था। इससे शिक्षकों को समय से अवकाश नहीं मिल पाता था और विशेष परिस्थितियों में विद्यालय से अनुपस्थित होने की दशा में कार्रवाई का भी सामना करना पड़ता था। ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक शिक्षकों के अवकाश देने में शोषण का मामला भी परियोजना कार्यालय तक पहुंचा है। महानिदेशक स्कूली शिक्षा अभियान ने शिक्षकों के अवकाश की समस्या को देखते हुए नया आदेश जारी किया है, जो एक जुलाई से लागू हो गया है। इसमें मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों को अवकाश के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऑनलाइन आवेदन को राज्य स्तरीय टीम एवं तकनीकी टीम मानव संपदा पोर्टल पर आवेदन के लिए डेटा का अध्ययन करेगी। यह कारण पता करेगी कि शिक्षकों को अवकाश क्यों नहीं दिया गया या अवकाश देने में देरी क्यों हुई। इसके साथ ही टीम आईवीआरएस के माध्यम से शिक्षकों से फोन पर अवकाश न मिलने का कारण पूछेगी और अपनी रिपोर्ट महानिदेशक स्कूूली शिक्षा अभियान को सौंपेगी। उसके अनुसार अगर बीआरसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो बीईओ और जिला स्तर पर अवकाश देने में लापरवाही हुई तो इसका जिम्मेदार बीएसए को माना जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अवकाश देने के नियम
बाल्य देखभाल अवकाश, प्रसूता अवकाश और मेडिकल अवकाश- इसमें शिक्षक को मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से बीईओ को आवेदन करना होता, तीन दिन में बीईओ को जांच कर अवकाश देना होगा और बीएसए को भी तीन दिन के अंदर अवकाश की स्वीकृति देनी होगी।
अन्य अवकाश- तीन दिन का अवकाश प्रधानाध्यापक दे सकते हैं, उससे ज्यादा का अवकाश बीईओ को देना है। इसे तत्काल स्वीकृत करना होगा।
कोट
शिक्षकों के अवकाश से संबंधित जितने भी आवेदन आते हैं, उसका निर्धारित समय के अंदर निपटारा कर दिया जाता है। अगर कुछ अवकाश देने में देरी होती है तो उसमें कहीं न कहीं आवेदन पत्रों में त्रुटि रहती है। सभी बीईओ को निर्देशित किया गया है कि निर्धारित समय में अवकाश को स्वीकृत कर दें।
-सत्येंद्र कुमार सिंह, बीएसए