संतकबीरनगर। जनपद के नगर पालिका परिषद खलीलाबाद सहित आठ नगर निकायों में उपवन बनाने के लिए योजना बनाई गई है। इस योजना के तहत पार्क, ओपेन स्पेस बनेंगे। इसके साथ ही औषधीय पौधों सहित अन्य पौधे लगाए जाएंगे। इसके जरिए हरित क्षेत्र को बढ़ाने के प्रबंध किए जाएंगे। इसके लिए भूमि का चिह्निकरण किया गया है।
शासन ने हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पहल की है, इसके तहत उपवन योजना शुरू की है। इसके तहत नगर पालिका परिषद खलीलाबाद, नगर पंचायत मगहर, नगर पंचायत हरिहरपुर, नगर पंचायत मेंहदावल, नगर पंचायत मेंहदावल, नगर पंचायत बाघनगर उर्फ बखिरा, नगर पंचायत बेलहरकला, नगर पंचायत हैंसर बाजार-धनघटा और नगर पंचायत धर्मसिंहवा में पार्क बनाए जाएंगे। इसके लिए खलीलाबाद में 1.21 हेक्टेयर जमीन उस्का कला में चिह्नित की गई है।
इसके साथ ही मगहर के मोहल्ला संतकबीरनगर में 0.278 हेक्टेयर, हरिहरपुर के मोहल्ला पटेल नगर में 0.405 हेक्टेयर, मेंहदावल के धौरापार में 0.214 हेक्टेयर, बखिरा के मोहल्ला जसवल भरवलिया में 1.134 हेक्टेयर, बेलहरकला में 0.911 हेक्टेयर, हैंसर बाजार-धनघटा के मोहल्ला बैलोरा में 0.758 हेक्टेयर और धर्मसिंहवा में 0.969 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है। पार्क और ओपेन स्पेस बनने से लोगों को मनोरंजन के लिए शहरों में स्थान मिल जाएगा। इसके साथ ही ओपेन स्पेस से बच्चों को खेलने आदि की सुविधा मिलेगी।
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आगणन तैयार कर शासन को भेजा गया प्रस्ताव
उपवन योजना के तहत पार्क व ओपेन स्पेस बनाने के लिए आगणन तैयार कर लिया गया है। इसमें खलीलाबाद में एक करोड़, मगहर में 50.23 लाख, हरिहरपुर, मेंहदावल, बखिरा और बेलहरकला में प्रत्येक के लिए 47.84 लाख, हैंसर बाजार-धनघटा में 60.72 लाख और धर्मसिंहवा में 47.84 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
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50 लाख की लागत से डीएम आवास के सामने बन रहा हर्बल गार्डेन
खलीलाबाद के डीएम आवास के सामने प्रशासन ने हर्बल गार्डेन निर्माण शुरू कराया है। यहां पर औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। इससे लोगों को मनोरंजन के साथ ही औषधि पौधों के बारे में जानकारी मिल सकेगी। इसके पीछे मंशा यह है कि औषधि पौधे जिले के अन्य स्थानों पर भी लगें, ताकि लोगों को इसका लाभ मिल सके। इस योजना पर 50 लाख रुपये खर्च होंगे।
कोट
जिले के सभी आठ निकायों में उपवन बनाने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए स्थान चिह्नित हो गया है और प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। जल्द ही इसकी स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। यह बन जाने से निकाय में हरित क्षेत्र बढ़ेगा। इस क्षेत्र के बढ़ने से पर्यावरण प्रदूषण से भी छुटकारा मिलेगा।
-महेंद्र सिंह तंवर, डीएम