कायऱ्र्यक्रम में मौजूद महिलाएं ।
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गर्भवती महिलाओं और बच्चों में कुपोषण हटाने के लिए सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. सरोज कुमार ने गोद लिए गांव सिहटीकर में गर्भवती महिलाओं को भोजन खिलाकर पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। डीएम ने कहा कि कार्यक्रम शासन की प्राथमिकता है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों का माह में एक बार तौल कराया जाए। इसके साथ ही उन्हें पौष्टिक आहार भी दिया जाए। डीएम ने मौके पर मौजूद जिला कार्यक्रम अधिकारी अरुण दुबे से योजना के बारे में विस्तार पूूर्वक जानकारी ली। डीपीओ ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र पर दर्ज गर्भवती महिला और कुपोषित बच्चों को माह में 13 दिन तक भोजन कराया जाएगा। इसमें गर्भवती महिलाओं को 18 रुपये, कुपोषित बच्चों को सात रुपया दिया जाएगा। इसके लिए आंगनबाड़ी और ग्राम प्रधान का संयुक्त खाता होगा। महिलाओं का वजन भी लिया जाएगा। योजना के अंतर्गत हर माह एक किलो वजन बढ़ाना होगा। इसमें मौसमी फल भी दिया जाएगा। डीएम ने योजना में किसी प्रकार की लापरवाही न बरते जाने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र पर सुपरवाइजर समय से पहुंचे और अपने दायित्वों का निर्वहन करे। इस अवसर पर सीडीपीओ दीनानाथ द्विवेदी, आशा देवी, प्रधान श्याम बहादुर सिंह, गिरजेश पाठक, मानसिंह, ऊषा देवी, मीरा देवी, गौरीशंकर, गिरजेश कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे।