- प्रत्येक गांवों में कम से कम चार कैमरा लगना है, चोरी की घटनाओं के खुलासे में होेंगे मददगार
- सेमरियावां ब्लाॅक में 113 ग्राम पंचायत
सेमरियावां। ग्राम पंचायतों में अब तीसरी आंख से निगरानी होगी। सार्वजनिक रास्तों, धार्मिक स्थल और पंचायत भवन सहित अन्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने शुरू हो गए हैं। ये कैमरे ग्राम पंचायत की ओर से स्वयं के मद से लगवाए जाएंगे। इससे आए दिनों में होने वाली चोरी व अन्य घटनाओं को रोकने और उसके पर्दाफाश में सहूलियत मिलेगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत में भीड़भाड वाले इलाके में कम से कम चार कैमरे लगाने होंगे। जिस गांव में बजट अधिक होगा वहां अधिक भी लगाए जा सकते हैं।
शासन की ओर से लगातार ग्राम पंचायतों में आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराने की प्रक्रिया चलाई जा रही है। इसीलिए पंचायत भवनों को बहुउद्देशीय बनाया गया है। अब ग्राम पंचायतों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने का निर्णय लिया गया है। बता दें कि सेमरियावां ब्लाॅक में कुल 113 ग्राम पंचायतें हैं। इन सभी ग्राम पंचायतों में सीसीटीवी कैमरे लगने हैं। शासन के निर्देश के बाद जिम्मेदारों ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। सेहुड़ा, देवरिया नासिर, चंगेरा-मंगेरा, चिउटना समेत लगभग दस गांवों में सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं।
दरअसल, ग्रामीण क्षेत्रों में चोरी व अन्य अपराध होने पर कोई साक्ष्य उपलब्ध न होने से पुलिस को छानबीन में मुश्किल होती है। अब सीसीटीवी कैमरे लग जाने से यह समस्या नहीं होगी। हालांकि कैमरे लगाने के लिए शासन से अलग से कोई बजट नहीं दिया गया है। ग्राम पंचायत में राज्य वित्त से ही सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाने हैं। कई ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त का पैसा काफी काम आता है, इसके चलते उन पंचायतों में कैमरे लगवाए जाने में मुश्किल हो सकती है।
इन स्थानों पर लगाना होगा कैमरा
ग्राम पंचायतों को मुख्य आवागमन मार्ग के प्रवेश व निकास द्वार पर, बाजार, संवेदनशील स्थल, मुख्य चौराहों और तिराहों, विद्यालय व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कैमरे लगाना होगा।
सभी ग्राम पंचायतों को योजना के तहत काम करवाने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ गांवों में कैमरा लगाया जाना शुरू हो गया है। लगभग दस गांवों में कैमरे से गांव की निगरानी हो रही है।
- विजय कुमार सिंह, खंड विकास अधिकारी, सेमरियावां