आपदा की घड़ी में सरकार आप के साथ : सीएम
- सीएम योगी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर जाना हाल
- बोले-जनता को राहत देना सरकार की प्राथमिकता में शामिल
संतकबीरनगर/ध्ननघटा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपदा की घड़ी में सरकार आप के साथ है। बाढ़ की वजह से जिनके घर क्षतिग्रस्त हुए है, उन्हें सीएम आवास योजना का लाभ अथवा घर बनवाने के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। यह बातें सीएम ने बृहस्पतिवार को संतकबीरनगर जिले के धनघटा तहसील के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद छपरा-मगर्वी के दिव्यांश पब्लिक स्कूल परिसर में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरण के दौरान कहीं।
सीएम योगी ने कहा कि यह दैवी आपदा है। संतकबीरनगर जिले के 18 से 19 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इन गांवों की सात से आठ हजार की आबादी बाढ़ की चपेट में आई है। वैसे 15 सितंबर तक बाढ़ आती थी, लेकिन अक्तूबर में बाढ़ आना अप्रत्याशित है। इसमें प्रभावित लोग छतों पर रहने को विवश हैं, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है।
आपदा की इस घड़ी में सरकार पीड़ितों के साथ खड़ी है। आपदा में जनहानि पर चार लाख रुपये और जो अंग भंग होने पर 75 हजार रुपये से लेकर ढाई लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। एमबीडी बांध से दक्षिण जो गांव बसे हैं, उन्हें बांध के उत्तर बसाए जाने की दिशा में प्रयास होना चाहिए। इसके लिए डीएम को निर्देश दिया है। जिससे हर साल आने वाली बाढ़ की विभीषिका न झेलनी पड़े। सीएम ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों में दस किलोग्राम चावल, दस किलोग्राम आटा, दस किलो आलू, दो किलो अरहर की दाल, भुना चना, लाई, बिस्कुट, रिफाइन तेल, नमक, मोमबत्ती, माचिस, नहाने का साबुन आदि राहत पैकेट के रूप में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जहां घरों में पानी आया है, वहां दिन में दो बार भोजन का पैकट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। प्रति दिन पांच किलो चारा पशुओं को उपलब्ध कराने को कहा गया है। सीएम ने कहा कि पहले जनपद सूखे की चपेट में आया, फिर बाढ़ आ गई।
फसलों की क्षति का सर्वे करने को कहा है। सर्वे की रिपोर्ट उपलब्ध कराकर तत्काल बाढ़ राहत के बाद फसलों का मुआवजा हर पीड़ित परिवार को दिलाने का काम होगा। कृषि भूमि में जिनकी खड़ी फसल नष्ट हुई है, उन्हें प्रति हेक्टेयर 18 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। पशुओं की हानि पर भी मुआवजा दिए जाएंगे। सीएम ने कहा कि सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए कि बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं। दीवाली से पहले बीमारी न आए, इसके लिए स्वच्छता का कार्यक्रम चलाएं। सांप, बिच्छु से कोई हानि न हो, इसके लिए अस्पतालों में दवाएं व वैक्सीन उपलब्ध हो। पानी गरम करके ही पीएं। इसके लिए भी जागरूक करें। इस दौरान सांसद प्रवीण निषाद, सदर विधायक अंकुर राज तिवारी, धनघटा विधायक गणेशचंद्र चौहान, मेंहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष जगदंबा श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।