संतकबीरनगर/धनघटा। सरकारी व सहकारी गोदामों से खाद व बीज गायब है। खाद बीज के लिए किसान सरकारी गोदामों पर पूरे दिन इंतजार करने को मजबूर हैं। हालांकि बाजार में प्राइवेट दुकानदारों के वहां खाद बीज उपलब्ध हैं।
प्राइवेट दुकानदार से सरसों खरीद कर ले जाने वाले किसान बोआई के बाद बीज न निकलने की शिकायत भी लेकर घूम रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई ध्यान देने वाला नहीं है।
जिले में डीएपी खाद के लिए किसानों में हाहाकार है। कुछ साधन सहकारी समिति पर डीएपी होने के बावजूद भीड़ के भय से सचिव न बांटकर गोदाम बंद करके गायब हैं।
यही हाल राजकीय कृषि बीज भंडार हैंसर बाजार और शनिचरा बाजार में है। यहां पर शुरुआती दौर में बीज आया और वितरित किया गया, उसके बाद से बीज नहीं आई। किसान लालचंद, इंद्रजीत, सुंदर, बुझावन, अवधेश आदि का कहना है की जो बीज सरकारी गोदाम पर 960 प्रति बोरी मिल रही है, उसी बीज को प्राइवेट दुकानदार 1600 रुपये प्रति बोरी के दर पर बेच रहे हैं। इसी तरह डीएपी खाद भी मनमानी रेट पर प्राइवेट दुकानदार बेच रहे हैं। किसान रामपुर निवासी जनार्दन, गायघाट के रहने वाले लालचंद, राधेश्याम, छितौनी निवासी राम सुमेर का कहना है कि प्राइवेट दुकानों पर बिकने वाली खाद और बीज का कोई भरोसा नहीं है कि वह असली है या नकली।