धर्मसिंहवा। क्षेत्र के हरैया में चल रही आठ दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कृष्ण जन्म के प्रसंग में नंद बाबा के घर में जन्मोत्सव का वर्णन अवधेश शास्त्री ने किया। जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हुए। लोगों ने मिठाइयां बाटकर बधाइयां देकर नंद उत्सव की खुशियां मनाई।
आचार्य अवधेश शास्त्री महाराज ने कहा कि जब जब पृथ्वी पाप बढ़ता है तब तक श्री हरि अवतार लेकर पाप और पापी का नाश कर पुनः धर्म को स्थापित करते हैं। मथुरा के राजा कंस ने पाप का आचरण करते हुए अपने ही माता-पिता का कारावास में डालकर सत्ता पर आसन होकर प्रजा पर अत्याचार किया तथा जब उसे पता चला कि उसकी सगी ही बहिन देवकी आठवीं संतान ही उसके कल का कारण बनेगी तो उसने बहन देवकी व उसके पति वासुदेव को करवास में बंद कर दिया लेकिन श्रीहरि की कृपा से माया से बंद पड़े द्वार खुल गए व माया वंश वासुदेव भगवान श्री कृष्णा को उफनाती यमुना को पार कर सकुशल बाबा नंद के घर छोड़ देते हैं। बाबा नंद के घर में पुत्र होने का समाचार पाकर पूरे नन्द में आनंद छा जाता है। प्रवचन के दौरान नीला सिंह, अखंड प्रताप सिंह, अनादि प्रताप सिंह, अशोक सिंह, अमेय प्रताप सिंह, रिधान प्रताप सिंह, उमाशंकर पांडेय, अनिल मिश्रा समेत अन्य मौजूद रहे।