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संभल जाओ! प्रकृति से छेड़छाड़ से पड़ेगी भारी

Wed, 22 Mar 2017 11:29 PM IST
Sant Kabir Nagar
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साइंस एक्सप्रेस बुधवार को खलीलाबाद पहुंची। उद्घाटन के बाद अफसरों और बच्चों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। - फोटो : अमर उजाला
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साइंस एक्सप्रेस बुधवार को खलीलाबाद पहुंची। यह ट्रेन यहां 25 तक रहेगी। 16 डिब्बों वाली इस ट्रेन में घुसते ही बच्चों को तेजी परिवर्तित होते जलवायु और उसके प्रभाव के बारे में जानकारी दी जाती है। साइंस एक्सप्रेस देखने वाले छात्र प्रदर्शनी के माध्यम से अपनी जिज्ञासाओं को भी शांत कर रहे हैं। 
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खलीलाबाद स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर खड़ी साइंस एक्सप्रेस के पहले कोच में जलवायु परिवर्तन को दर्शाया गया है। व्यंगात्मक तरीके से ग्लोब मॉडल पर थर्मामीटर लगाकर समझाया गया कि पृथ्वी को बुखार है। यानी लगातार धरती का तापमान बढ़ रहा है। इसका हमारे जीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ रहा है। इन सभी के लिए मानव को ही जिम्मेदार माना गया है। क्योंकि मानव अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वही प्रकृति से छेड़छाड़ कर रहा है। प्रदर्शनी संदेश दे रही है कि संभल जाओ, नहीं तो प्रकृति से छेड़छाड़ पड़ेगी भारी। सितंबर 2017 तक यह ट्रेन देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर बच्चों को जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूक करेगी।

साइंस एक्सप्रेस को सुबह 10 बजे से सायं पांच बजे तक देखा जा सकता है। बुधवार सुबह उद्घाटन के पश्चात डीएम को रेल मंत्रालय के तरफ से एक आम का वृक्ष भेेंट किया गया, इसके पश्चात डीएम ने डीआरएम आलोक सिंह, पीआरओ एनई रेलवे आलोक कुमार श्रीवास्तव, आरएओ एसबी सेटु, राजीव सेठ एरिया मैनेजर के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने जल संरक्षण, जल वायु परिवर्तन में कैसा भविष्य, वर्षा की अनियमितता से कृषि खतरे में, वनों पर संकट, समुद्र तट के संरक्षण, डायनासोर क्यों गायब हो हुए, पशुधन से अनुकूलन, हरित क्रांति परिवहन से ऊर्जा का बचाव, सौर ऊर्जा, मौसम के अनुसार भोजन का प्रयोग आदि की जानकारी भी ली। उन्होंने जनपद वासियों से अनुरोध किया है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में आकर इस प्रदर्शनी का अवलोकन करें।
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यह है ट्रेन का प्रारूप : 16 कोचों वाली साइंस एक्सप्रेस में आठ कोच भारत सरकार के पर्यावरण वन, जलवायु परिवर्तन, विज्ञान जलवायु प्रभाव इसके अनुकूलन एवं अल्पीकरण के समाधान और नीतियों के दृष्टिकोण को बेहद सरल एवं रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। 
कोच नौ से 11 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग जैव प्रौद्योगिकी वन्य जीवन के विषय में हो रहे कार्यों को दर्शाया गया है। इसके साथ ही ट्रेन में कक्षा तीन से पांच के छात्रों के किड्स जोन नामक एक कोच है, जिसमें छात्रों को दिमागी कसरत कराने वालों एवं पर्यावरण के प्रति जागरूक करने वाले खेल खेलने और विज्ञान एवं गणित के मॉडल बनाने का अवसर प्राप्त होता है
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