व्रत और पूजा-पाठ से बढ़ी मांग, केला, सेब और अनार के दाम चढ़े
सेमरियावां। सावन माह शुरू होते ही फल बाजार में रौनक लौट आई है लेकिन इसके साथ ही फलों के दाम भी बढ़ गए हैं। व्रत-उपवास और भगवान शिव की पूजा में फलों की बढ़ती मांग का असर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। आम, केला, सेब, अनार, नाशपाती और पपीता समेत अधिकांश फलों के दाम पिछले सप्ताह की तुलना में 10 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। महंगाई के चलते उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
सेमरियावां, करही, लोहरौली, सालेहपुर दुधारा, उसराशहीद, सेहुड़ा, दानोकुइयां नव्वागांव, चिउटना, टेमारहमत, चिउटना आदि चौराहों पर फलों की दुकान सजी रहती है। सोमवार को सेमरियावां बाजार में फलों की दुकानों पर खरीदारों की अच्छी-खासी भीड़ रही। सबसे अधिक मांग केले की रही क्योंकि सावन में अधिकांश व्रती इसे प्रमुख फल के रूप में खरीदते हैं।
दुकानदारों का कहना है कि मांग बढ़ने और बाहर से कम आवक होने के कारण कीमतों में उछाल आया है। बाजार में इस समय केला 60 से 70 रुपये प्रति दर्जन, सेब 200 से 230 रुपये प्रति किलो, अनार 150 से 180 रुपये प्रति किलो, नाशपाती 80 से 100 रुपये प्रति किलोग्राम तथा पपीता 50 से 70 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। आम सीधे सौ रुपये किलोग्राम बिक रहा है। अमरूद 70-80 रुपये किलोग्राम बिक रहा है। पिछले सप्ताह की तुलना में अधिकांश फलों के दाम बढ़े हैं।
हद्दीस, मारूफ अहमद, जुगानी, शाबान राहुल आदि फल विक्रेताओं का कहना है कि सावन के सोमवार, नाग पंचमी और अन्य धार्मिक आयोजनों के कारण फलों की मांग लगातार बढ़ रही है। थोक मंडियों में भी कीमतें बढ़ने से खुदरा बाजार प्रभावित हुआ है। फल खरीदने आए उपभोक्ताओं ने बताया कि हर साल सावन में फल महंगे होते हैं, लेकिन इस बार बढ़ोतरी कुछ ज्यादा है। परिवार के लिए पर्याप्त मात्रा में फल खरीदना पहले की अपेक्षा महंगा पड़ रहा है।
फल विक्रेता लड्डा ने बताया कि सावन में व्रत रखने वालों की संख्या बढ़ने से केले और अन्य फलों की मांग अचानक बढ़ जाती है। थोक बाजार से महंगे दाम पर माल मिलने के कारण खुदरा कीमतों में भी बढ़ोतरी करनी पड़ रही है। इरशाद अहमद, इसरार अहमद, राम कुमार, राम सागर आदि ग्राहकों ने कहा कि रोजमर्रा की महंगाई के बीच अब फल भी महंगे हो गए हैं। व्रत और बच्चों की जरूरत को देखते हुए फल खरीदना मजबूरी है लेकिन बजट बिगड़ रहा है।