जांच में शौचालय निर्माण में उजागर हुआ घपला
संतकबीरनगर। विकास खंड सांथा के ग्राम पंचायत गौरीराई में शौचालय निर्माण की हुई जांच में अनियमितता उजागर हुई है। जांच में 11 लाख से अधिक धनराशि निकाल कर हड़प लेने की बात सामने आई है। इसमें पूर्व प्रधान, वर्तमान प्रधान और सचिव दोषी पाए गए हैं। सीडीओ की ओर से डीपीआरओ को निर्देश दिए गए हैं कि डीएम को रिपोर्ट देकर वित्तीय अनियमितता के दोषियों से रकम की वसूली कराने की कार्रवाई कराई जाए।
सीडीओ बब्बन उपाध्याय ने बताया कि 26 सितंबर को डीपीआरओ की ओर से विकास खंड सांथा के ग्राम पनंचायत गौरीराई में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत बनवाए गए शौचालयों की जांच की गई थी। जांच में पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2014-15 से वित्तीय वर्ष 2018-19 तक कुल 231 शौचालयों की धनराशि आवंटित की गई थी। प्रत्येक शौचालय के निर्माण के लिए 12000 रुपये दी गई थी। जांच में पता चला कि ग्राम पंचायत में पूर्व प्रधान एवं ग्राम पंचायत सचिव के जरिए 70 शौचालयों की धनराशि आहरित की गई। इसमें 20 शौचालय पूर्ण पाए गए। 31 शौचालय निर्माणाधीन और 19 शौचालय अनारंभ पाए गए। इससे स्पष्ट है कि 50 शौचालयों की धनराशि छह लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता पूर्व प्रधान और सचिव के जरिए मिलकर की गई। पूर्व प्रधान रवींद्र और सचिव से आधी- आधी रकम की वसूली की कार्रवाई कराए जाने के लिए डीएम को रिपोर्ट देने का निर्देश डीपीआरओ को दी गई है। इसके साथ ही जांच में पाया गया कि शेष 161 शौचालयों में से 60 शौचालयों की धनराशि वर्तमान प्रधान प्रमोद साहनी एवं सचिव के जरिए आहरित की गई। इसमें 18 शौचालय पूर्ण पाए गए। जबकि 42 शौचालय निर्माणाधीन और 38 शौचालयों की धनराशि लाभार्थियों के खाते में अंतरित की गई है। शेष 63 शौचालयों की धनराशि ग्राम निधि के खाते में अवशेष पड़ी हुई है। इससे स्पष्ट है कि वर्तमान प्रधान और सचिव के जरिए 42 शौचालयों की धनराशि 504000 रुपये का दुरुपयोग कर लिया गया है। आधी-आधी रकम की वर्तमान प्रधान प्रमोद साहनी और सचिव से रिकवरी की कार्रवाई कराए जाने के लिए डीएम को रिपोर्ट देने का निर्देश डीपीआरओ को दिए गए हैं।