फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

 एफपीएस से रूकेगी अनाज की कालाबाजारी 

Thu, 05 Jan 2017 11:40 PM IST
शोभित कुमार पांडेय/Sant Kabir Nagar
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर पालिका परिषद खलीलाबाद और नगर पंचायत हरिहरपुर के राशन कार्ड उपभोक्ताओं को फेयर प्राइस शॉप(एफपीएस) के जरिए अनाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था जल्द लागू होगी।  यह व्यवस्था लागू होने से जहां कोटेदार अनाज की कालाबाजारी नहीं कर पाएंगे, वहीं उन्हें अनावश्यक अभिलेख बनाने की जरूरत नहीं होगी। इसके साथ ही कोटेदार के जरिए की जा रही प्रत्येक ट्रांजेक्शन को ऑनलाइन देखा जा सकेगा और विभागीय अधिकारियों को उसकी मॉनीटरिंग करने में भी सुविधा होगी। 
विज्ञापन


 जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू हो गया है। जिसके माध्यम से पात्र कार्ड धारकों को निर्धारित मूल्य पर गेहूं, चावल, केरोसिन और चीनी आदि का वितरण हो रहा है। कोटेदारों द्वारा अनाज की कालाबाजारी की लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनजर शासन ने फेयर प्राइस शॉप सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया गया है। जिसके तहत पहले चरण में जिले में नगर पालिका परिषद खलीलाबाद और नगर पंचायत हरिहरपुर को चुना गया है। 

नगर पंचायत हरिहरपुर में तीन कोटेदार छेदीलाल, ओम प्रकाश और राम प्रसाद हैं। जबकि नगर पालिका परिषद खलीलाबाद में कोटेदार कमल किशोर, जगदीश प्रसाद, दीपक मिश्रा, फूलचंद्र, ब्रजेश कुमार, ब्रजभूषण पांडेय, रमावती देवी, शब्बीर अहमद, सुराती देवी और हरजीत कौर हैं। हरिहरपुर में तीनों कोटेदारों से अंत्योदय और पात्र गृहस्थी के 2288 कार्ड धारक और उनके परिवार के कुल 9422 सदस्य जुड़े हुए हैं। 
विज्ञापन


जबकि नगर पालिका परिषद खलीलाबाद में कुल 6944 कार्ड धारक और उनसे जुड़े 32246 सदस्य हैं। नई व्यवस्था लागू होने पर कोटेदारों को टाटा ट्रस्ट कंपनी के माध्यम से ई पोस मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। कोटेदार कार्ड धारकों को इलेक्ट्रानिक प्वाइंट आफ सेल के जरिए अनाज आदि का वितरण करेंगे। इसके लिए कोटेदारों के वहां उपभोक्ताओं का शत प्रतिशत एवं उनके परिवार के अन्य सदस्यों का आधार कार्ड फीड कराए जाने का निर्देश दिया गया है। डीएसओ रामेंद्र यादव ने बताया कि फेयर प्राइस शॉप व्यवस्था को लागू करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। नगर पंचायत हरिहरपुर में शत प्रतिशत कार्ड धारकों और नगर पालिका परिषद में अभी 81 प्रतिशत कार्ड धारकों के आधार कार्ड की फीडिंग हो गई है। उम्मीद है, मार्च के अंत तक यह व्यवस्‍था लागू हो जाएगी।

इस व्यवस्था सेे कोटेदार अनाज की कालाबाजारी नहीं कर पाएंगे और उन्हें अनावश्यक अभिलेख भी नहीं बनाने पड़ेंगे। कोटेदार द्वारा बांटी गई सामग्री का विवरण सर्वर पर देखे जा सकेंगे। कार्ड धारक का थंब इंप्रेशन मशीन से मैच करने के बाद ही उपभोक्ता को अनाज मिलेगा।  
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें