तिघरा। बरईपार गांव के पास सोमवार को आग लगने से लगभग चार बीघा में विकसित बागवानी पूरी तरह राख हो गई। खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के जंगलकला निवासी गुलशन कुमार मौर्य ने बताया कि इजरायली तकनीक से उन्नत किस्मों के फलदार पौधों का रोपण किया था।
इस बाग में ऊषा श्रेष्ठ, ऊषा सूर्या, ऊषा प्रतांबर, मिया जैकी, अमेरिकन रेड प्लमर, गौरजीत, अम्रपाली, दशहरी, मलिका सहित तमाम प्रजातियों के पौधे लगे थे। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बागवानी पूरी तरह जल चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस व संबंधित विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। पीड़ित किसान ने बताया कि बागवानी में भारी निवेश किया गया था। आग की घटना से पूरी मेहनत पर पानी फिर गया है, और लाखों का नुकसान उठाना पड़ा है।
आग लगने के कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है। प्राथमिक रूप से शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन द्वारा जांच की बात कही गई है। स्थानीय लोगों व किसानों ने पीड़ित को मुआवजा दिलाने की मांग की है।