एसपी शैलेष कुमार पांडेय ने रविवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि 27-28 फरवरी की रात एसओ दुधारा सतानंद पांडेय सहयोगी सिपाहियों के साथ गश्त के दौरान बाघनगर में मौजूद थे।
उसी बीच स्वॉट टीम प्रभारी महेंद्र प्रताप चतुर्वेदी भी अपनी टीम के साथ वहां पहुंच गए। अपराधियों के संबंध में पुलिस टीम आपस में बातचीत कर रही थी कि सूचना मिली कि कुछ गोवंशीय पशुओं को तस्कर पिकअप पर लाद कर मुजहना से पुरवा की तरफ जा रहे है।
पुलिस टीम सूचना पर बताए गए स्थान के पास घेराबंदी की तो एक पिकअप आती दिखाई दी। जिसे पुलिस टीम ने रोकने का इशारा किया तो फायरिंग करते हुए जान से मारने की नीयत से तस्कर गाड़ी को आगे बढ़ा दिए।
वैसे गोली किसी भी पुलिस कर्मी को नहीं लगी। हर तरफ से पुलिस टीम से घिरे होने की वजह से तस्कर गाड़ी से कूद कर भागने की कोशिश किए,लेकिन पुलिस ने तीन तस्करों को दौड़ा कर पकड़ लिया। पूछताछ में पकड़े गए तस्करों की पहचान सफीक , वसीर और मुनीर अहमद निवासी ऊचहरा थाना दुधारा के रुप में हुई। तलाशी में सफीक के पास से 315 बोर का तमंचा, दो कारतूस, एक खोखा, वसीर के पास से 12 बोर का तमंचा,एक कारतूस व खोखा मिला। इसके अलावा पिकअप नंबर यू पी 51 एटी-0938 पर लदे दस गोवंशीय पशु बरामद हुआ। पूछताछ में तस्करों ने बताया कि बरामद पिकअप बस्ती जिले के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के पिपरा चंद्रपति निवासी विजय मिश्रा की है। पिकअप से गोवंशीय पशुओं को लाद कर गंतव्य जगह तक पहुंचाते है। इस काम के लिए पिकअप मालिक को मनमाना किराया भी देते थे। बरामद गोवंशीय पशु साफियाबाद गांव निवासी मेराज का है।
बाद में पुलिस टीम ने पिकअप मालिक विजय मिश्रा को भी गिरफ्तार किया। एसपी के मुताबिक पूछताछ में तस्करों ने बताया कि 18 फरवरी को जिवझारपुर में 11 पशुओं को और 21 दिसंबर 2015 को गंगौली बागीचे के पास सात पशुओं को उन्हें पुलिस के हाथ लगने की वजह से छोड़ कर भागना पड़ा था।
वैसे पुलिस ने पशुओं को बरामद किया था। पशुओं के बरामद होने से पूर्व वह लोग भाग गए थे। एसपी ने बताया कि सफीक के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम के तीन मुकदमें दुधारा में ,हत्या के प्रयास का केस बस्ती जिले के हरैया में और निल अपराध संख्या पर दुधारा में डकैती, दलित एक्ट का मुकदमा दर्ज हो चुका है।
डकैती के मुकदमे की विवेचना बस्ती जिले से हो रही है। वसीर के खिलाफ के दो मुकदमे और मुनीर अहमद के खिलाफ एक मुकदमा दुधारा थाने में दर्ज है।
जबकि पिकअप मालिक विजय मिश्रा के खिलाफ भी मुकदमा बस्ती जिले के रुधौली थाने में पंजीकृत है। आगे बताया कि तस्करों के खिलाफ हत्या के प्रयास, पशु क्रूरता अधिनियम और आर्म्स एक्ट, षड़यंत्र समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज करते हुए जेल भेजा गया।
पकड़ने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया।