कबीरचौरा के विकास की इबारत लिख गए पूर्व सांसद शरद त्रिपाठी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मगहर में लाकर रखी थी विकास की नींव
खलीलाबाद रेलवे स्टेशन को आदर्श बनाने की पहल की थी
बलरामपुर- खलीलाबाद नई रेल लाइन के लिए भी किया था प्रयास
वीरेंद्र यादव
संतकबीरनगर। पूर्व सांसद शरद त्रिपाठी का जिले के विकास में अहम योगदान रहा। सांसद रहते हुए उन्होंने सद्गुरु कबीर के प्रकाट्योत्सव कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मगहर आमंत्रित किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से कबीर चौरा में विविध कार्यों का शिलान्यास कराकर विकास की रूपरेखा तैयार की। यही नहीं खलीलाबाद रेलवे स्टेशन को आदर्श बनाने के लिए भी पहल की, जिसका असर आज दिख रहा है।
वर्ष 2009 में पहली बार शरद त्रिपाठी भाजपा प्रत्याशी के रूप में लोकसभा का चुनाव लड़े थे लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। वर्ष 2014 में फिर शरद त्रिपाठी चुनाव लड़े और उन्हें जीत मिली। संतकबीरनगर से सांसद बनने के साथ ही उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए प्रयास शुरू किया। पूरी दुनिया में सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश देने वाले संतकबीर की परिनिर्वाण स्थली के विकास के लिए 28 जून 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मगहर लाकर कबीर चौरा के विकास की नींव रखी।
वर्तमान में मगहर में सर्किट हाउस, म्यूजियम, कबीर अकादमी समेत विकास के विभिन्न कार्य कराए जा रहे हैं। मगहर के विकास के पीछे शरद त्रिपाठी का बड़ा योगदान है। उन्होंने खलीलाबाद रेलवे स्टेशन को आदर्श बनाने के लिए भी प्रयास किया। वर्तमान में खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पर दो लिफ्ट बनकर तैयार हो गई है तो स्वचालित सीढ़ी बनाने की भी योजना है। इसके साथ ही तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराई गई। यही नहीं शरद त्रिपाठी ने अन्य सांसदों के सहयोग से बलरामपुर-खलीलाबाद नई रेल लाइन बिछाने के लिए भी प्रयास किया। इसका सर्वे हो चुका है और जल्द ही इस परियोजना पर कार्य शुरू होने वाला है। लोगों के बीच लोकप्रिय रहे पूर्व सांसद शरद त्रिपाठी ने जिले के विकास के लिए हर संभव प्रयास किया, जिसे लोग हमेशा याद रखेंगे।
संवाद
जूता कांड से कट गया था टिकट
सांसद रहने के दौरान कलेक्ट्रेट सभागार में मार्च 2019 में जिला निगरानी समिति की बैठक में तत्कालीन प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन की मौजूदगी में जूता कांड हुआ था। इसमें तब तत्कालीन सांसद और विधायक के बीच मारपीट हुई थी। यह मामला तब काफी चर्चा में रहा था। इस घटना के बाद ही शरद को संतकबीरनगर से टिकट नहीं मिला, लेकिन भाजपा ने उनके पिता व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी को देवरिया से चुनाव मैदान में उतारा। वर्तमान में वह देवरिया से सांसद हैं।