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Sant Kabir Nagar News: यातायात रूट बनाकर निर्धारण करना भूल गए, झेल रहे लोग

Sun, 31 May 2026 02:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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मगहर दुर्गा मंदिर चौराहे पर लगा बैरियर।  
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निर्धारित रूटों पर ई-रिक्शा को चलाने की कवायद बेकार, अफसर भी बेपरवाह
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प्रशासन ने बैठक के बाद तय किए थे रूट, अमल में नहीं लाने से लग रहा जाम
संतकबीरनगर। शहर में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए करीब एक साल पहले रूट निर्धारण किया गया, लेकिन धरातल पर अमल में नहीं लाया जा सका। इसका खामियाजा राहगीरों और स्थानीय लोगों को झेलना पड़ रहा है। लोग जाम में फंसकर परेशान हो रहे हैं। वहीं, हद तो यह है कि सवारी भरने के लिए चालक आपस में भिड़ जा रहे हैं। रूट निर्धारण के मामले में अधिकारी बेपरवाह बने हुए हैं।
शहर में यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रशासन ने पहल करते हुए ऑटो और के लिए रूट निर्धारित किए हैं। साथ ही ऑटो चालकों को हिदायत दी गई कि वे निर्धारित किए गए रूट पर ही चलें, लेकिन ऑटो चालकों की मनमानी जारी है। शहर में करीब 3500 संख्या में ऑटो व ई-रिक्शा चलते हैं। इसके जरिये लोग शहर में एक स्थान से दूसरे स्थान के लिए आते-जाते हैं।
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इन ऑटो व ई-रिक्शा चालकों के चलते जाम की समस्या होती रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत मेंहदावल बाईपास व मुखलिसपुर तिराहे पर देखने को मिल रही है। मेंहदावल बाईपास पर तो नो पार्किंग जोन में ही ई-रिक्शा खड़ा कर सवारियां भरी जा रही हैं तो मुखलिसपुर तिराहे पर अवैध रूप से स्टैंड बन गया है। शहर के निवासी महेश गुप्ता, अजीत वर्मा आदि ने बताया कि ऑटो व ई-रिक्शा चालकों की मनमानी पर अंकुश लगाया जाना चाहिए, ताकि समस्या से राहत मिल सके।
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शहर को चार हिस्सों में बांटकर बनाई गई व्यवस्था
ई-रिक्शा से होने वाले जाम की समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने व्यवस्था तय की है। इसके लिए शहर को चार हिस्सों में बांटा गया है। इनमें धनघटा, मेंहदावल और गोरखपुर रोड शामिल हैं। प्रशासन ने जो व्यवस्था बनाई है, उसके अनुसार बाईपास से मगहर की तरफ जाने वाले वाहन को जी-01 कोड दिया गया है, जबकि बरदहिया बाजार से सोनी होटल-मगहर तक जाने वाले वाहनों को जी-02, मेंहदावल बाईपास से सब्जी मंडी जाने वाले वाहनों को बी-01 और मोती तिराहा से सरैया होते हुए सब्जी मंडी जाने वाले वाहनों को बी-02 कोड दिया गया है।
मेंहदावल की तरफ जाने वाले वाहनों को एम-01 और एम-02 कोड आवंटित किए गए हैं। इसी तरह विधियानी मोड तक जाने वाले वाहनों को डी-01 और विधियानी मोड से तामेश्वरनाथ रोड पर जाने वाले वाहनों को डी-02 कोड दिया गया है। ई-रिक्शा चालकों को निर्धारित रूटों पर ही वाहन ले जाने की अनुमति है, लेकिन ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से पूरी व्यवस्था ही चौपट हो गई है।

बोले लोग
शहर में चलने वाले कई ई-रिक्शा और ऑटो चालकों के पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस है और न उसे चलाने के लिए वैध उम्र है। इसके चलते शहर में दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। ई-रिक्शा सवारी के लिए हैं लेकिन ये माल उठाते हैं। - प्रवीण कुमार पुष्कर, स्टेशन पुरवा
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शहर में ई-रिक्शा को कहीं भी खड़ा करने से जाम लगता है। जहां मर्जी होती है बीच सड़क पर रोककर सवारी लेने और उतारने लगते हैं। इससे पीछे चल रहे बच्चों और बुजुर्गों को दिक्कत होती है। - बांके बिहारी प्रजापति, पटखौली
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कोट
ई-रिक्शा को निर्धारित रूट पर चलाने के लिए नगर पालिका से बात कर रूट प्लान को लागू कराया जाएगा। इसके अलावा निर्धारित टैक्सी स्टैंड के अतिरिक्त अन्य स्थान पर वाहन खड़ा कर सवारी भरने पर जांच कर वाहन को सीज किया जाएगा। - अमित कुमार, सीओ यातायात
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